Thursday, October 8, 2026
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LIC Housing Finance Loan Case: 4 कंपनियों का बड़ा प्रस्ताव, सुभाष चंद्रा मामले में 10% ब्याज के साथ चुकाएंगी बकाया

 नई दिल्ली
एस्सेल ग्रुप (Essel Group) के चेयरमैन सुभाष चंद्रा (Subhash Chandra) की पर्सनल गारंटी से जुड़े एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लोन (LIC Housing Finance Loan) मामले में सेटलमेंट का एक नया प्रस्ताव सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, कर्ज लेने वाली चार कंपनियों ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को 100 फीसदी बकाया मूलधन और उस पर 10 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान करने का प्रस्ताव दिया है। 

इस मामले में यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब इससे पहले ₹22,006 करोड़ के क्लेम के मामले में एनसीएलटी से 99.97 फीसदी हेयरकट मिलने को सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भारी-भरकम व्यक्तिगत कर्ज माफी बताए जाने को लेकर सुभाष चंद्रा ने आपत्ति जताई थी. उनका कहना था कि इस मामले को भारी-भरकम व्यक्तिगत कर्ज माफी के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए. चंद्रा के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर किसी लेंडर्स से पैसे नहीं लिए थे. उनका कहना था कि वह सिर्फ एस्सेल ग्रुप से जुड़ी कर्ज लेने वाली कंपनियों के लिए पर्सनल गारंटर थे। 

किन कंपनियों ने लिया था कर्ज?

यह मामला उन कंपनियों के कर्ज से जुड़ा है, जिनके लिए सुभाष चंद्रा पर्सनल गारंटर थे. वसंत सागर प्रॉपर्टीज लिमिटेड और पैन इंडिया इन्फ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से कुल ₹500 करोड़ का कर्ज लिया था. वहीं, डिजिटल सब्सक्राइबर मैनेजमेंट एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और स्प्रिट इन्फ्रापावर प्रोजेक्ट ने ₹480 करोड़ का लोन लिया था। 

क्या है नया सेटलमेंट प्रस्ताव?
सूत्रों के मुताबिक, इन चारों कंपनियों ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस को सेटलमेंट प्रस्ताव सौंपे हैं. प्रस्ताव में 100 फीसदी मूलधन 10 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान करने की बात कही गई है. ये वही कंपनियां हैं, जिनके कर्ज के संबंध में सुभाष चंद्रा ने पर्सनल गारंटर की भूमिका निभाई थी. एनसीएलटी से 99.97 फीसदी हेयरकट मिलने के मामले में सुभाष चंद्रा ने यह भी कहा था कि ₹22,006 करोड़ का आंकड़ा कार्यवाही में दाखिल किए गए क्लेम को दर्शाता है। 

उनके मुताबिक, इस राशि को उनका व्यक्तिगत बकाया कर्ज नहीं माना जाना चाहिए. सुभाष चंद्रा ने कहा था कि ₹21,696 करोड़ के क्लेम मंजूर किए गए थे, जबकि सेटलमेंट प्लान का विरोध करने वाले लेंडर्स के कुल क्लेम करीब 3,992 करोड़ रुपये थे. इसमें से 620 करोड़ रुपये के क्लेम पहले ही निपटाए जा चुके थे, जिससे लगभग 3,372 करोड़ रुपये की राशि बची थी। 

लेंडर्स से बातचीत भी जारी
सुभाष चंद्रा ने आगे कहा था कि कर्ज लेने वाली कंपनियों ने आपत्ति जताने वाले कई लेंडर्स को करीब ₹1,113 करोड़ का भुगतान करने की पेशकश की थी. उन्होंने यह भी कहा था कि इन लेंडर्स के साथ बातचीत जारी है. फिलहाल एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के सामने रखे गए नए सेटलमेंट प्रस्ताव में चारों कंपनियों की ओर से 100 फीसदी मूलधन और 10 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान की पेशकश की गई है. अब आगे की तस्वीर इन सेटलमेंट प्रस्तावों पर होने वाली प्रगति और आपत्ति जताने वाले लेंडर्स के साथ चल रही बातचीत के नतीजों से साफ होगी। 

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