Wednesday, August 5, 2026
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जीविका उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, बिहार में बनेंगे 203 आधुनिक ग्रामीण हाट

पटना
बिहार में सुधा आउटलेट की तरह जीविका दीदियों के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष हाट बनेंगे। इन पर जीविका दीदियों के द्वारा तैयार उत्पाद ग्राहकों को एक ही जगह पर उपलब्ध होंगे। सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य भर में ऐसे 203 ग्रामीण हाट स्थापित करने की तैयारी कर ली है। इनके लिए जगह का चयन भी कर लिया गया है। ग्रामीण विकास विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मंत्री ने पटना में पुराना सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में जीविका और वीबी जी रामजी योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में बताया गया कि जीविका हाट के निर्माण के लिए पूरे बिहार में 203 स्थलों का चयन किया जा चुका है। नालंदा समेत कुछ जिलों से अंतिम स्तर के प्रस्ताव प्राप्त हो गए हैं, जबकि अन्य जिलों से भी प्रस्ताव मंगाए जा रहे हैं।

मंत्री श्रवण कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन ग्रामीण हाट में जीविका दीदियों के उत्पादों की बिक्री और मार्केटिंग की व्यवस्था एक ही छत के नीचे होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जीविका दीदियों के जरिए आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए पोशाक की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे और इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

जीविका हाट पर होंगी ये सुविधाएं
श्रवण कुमार ने बताया कि ग्रामीण हाट में स्टोरेज रूम, दुकानें, बिक्री के लिए शेड, शौचालय और आधुनिक सुविधाओं से युक्त कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर के लिए मॉडल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार कर ली गई है। जल्द ही चयनित जगहों पर जीविका हाट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में नाबार्ड का भी सहयोग लिया जा रहा है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण हाट बनाने के लिए सबसे पहले नालंदा जिले से प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। इस पर मंत्री ने तत्काल काम शूरू करने का निर्देश दिया। साथ ही जिन जिलों से अभी तक प्रस्ताव नहीं मिल हैं, उनकी भी समीक्षा करने को कहा।

जीविका उप्तादों को मिलेगा बाजार
श्रवण कुमार ने कहा कि ग्रामीण हाट के निर्माण से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। खास तौर पर जीविका दीदियों को अपने उत्पादों के लिए तैयार बाजार उपलब्ध होगा। इससे बिहार की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में भी योगदान बढ़ेगा।

बता दें कि बिहार में सहकारी दुग्ध उत्पादक सुधा के राज्य भर में आउटलेट बने हुए हैं। इन पर सुधा दूध, दही, पनीर जैसे उत्पाद मिलते हैं। इनका संचालन कॉम्फेड करता है। राज्य सरकार ने गांव-गांव में सुधा आउटलेट खोलने का लक्ष्य रखा हुआ है। अब उसी तर्ज पर गांवों में जीविका हाट तैयार किए जा रहे हैं।

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