Thursday, August 20, 2026
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झारखंड की भर्ती व्यवस्था पर फिर सवाल, JET रद्द होने से सहायक प्राध्यापक भर्ती और PhD एडमिशन फंसा

रांची
 झारखंड में झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) 18 वर्ष बाद आयोजित हुई थी। लंबे इंतजार के बाद हुई यह परीक्षा भी घोटाले की भेंट चढ़ गई। राज्य सरकार ने इस परीक्षा को भी रद कर दिया। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कालेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति एक बार फिर अधर में चली गई है।

जबतक यह पात्रता परीक्षा फिर से आयोजित नहीं हो जाती तबतक सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाएगी। दूसरी तरफ, पहली बार जेट परीक्षा के माध्यम से ही पीएचडी में नामांकन होना था। अब जेट रद होने से पीएचएडी में नामांकन में भी पेंच फंस गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग की झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट)-2024 इस वर्ष 26 अप्रैल को आयोजित हुई थी।

हालांकि दो विषयों उड़िया और शिक्षा विषय की परीक्षा रद कर दी गई थी, जो बाद में 14 जून को आयोजित हुई। जेट परीक्षा राज्य के छह जिलों के 434 केंद्रों पर हुई थी, जिसमें लगभग 1.75 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे।

परीक्षा रद होने से इतने अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। इनमें से हजारों अभ्यर्थी ऐसे है, जो लंबे समय से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे थे। इस परीक्षा का परिणाम भी जारी नहीं हो सका।

अब झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग लेगा परीक्षा
जेट परीक्षा अब प्रस्तावित झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग आयोजित करेगा। दरअसल, राज्य सरकार ने हाल ही में झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 लागू किया है। इसमें जेट परीक्षा इस आयोग के माध्यम से होने का प्रविधान किया गया है।

हालांकि अभी तक झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग का गठन नहीं किया है। इसी आयोग के माध्यम से ही सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति होनी है।

इससे पहले, जेपीएससी को नियुक्ति की अधियाचना भेज दी गई थी, लेकिन हाल ही में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन तथा पदों के पुनर्गठन की जानकारी देते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने का पत्र जेपीएससी को भेजा था।

सहायक प्राध्यापकों के 1,110 से अधिक पद हैं रिक्त
झारखंड के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के 1,110 से अधिक पद रिक्त हैं। वहीं, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने हाल ही में पदों के पुनर्गठन के क्रम में 1,351 अतिरिक्त पद सृजित किए हैं। इन पदों के विरुद्ध भी नियुक्ति होनी थी। बताते चलें कि राज्य में वर्ष 2008 के बाद सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति न हीं हुई है।

विश्वविद्यालयों में रिक्त रह गए गैर शैक्षणिक पदाधिकारियों के पद
विश्वविद्यालयों में गैर शैक्षणिक पदाधिकारियों के 23 पदों पर होनेवाली नियुक्ति प्रक्रिया भी रद हो गई है। इससे विश्वविद्यालयों में ये सभी पद रिक्त रह गए। रिक्तियों की बात करें तो राज्य के सभी नौ विश्वविद्यालयों में एक-एक वित्त पदाधिकारी की नियुक्ति होनी थी।

वहीं, कोल्हान विश्वविद्यालय को छोड़कर अन्य सभी विश्वविद्यालयों में परीक्षा नियंत्रक (कुल आठ पद) तथा रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार (दो पद) के पद पर नियुक्ति होनी थी।

इसी तरह, विनोबा भावे विश्वविद्यालय तथा रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में डिप्टी रजिस्ट्रार (दो पद) तथा रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में असिस्टेंट रजिस्ट्रार तथा उपनिदेशक-शारीरिक शिक्षा के एक-एक पद पर नियुक्ति होनी थी।

 

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