पटना
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारी सोशल मीडिया हैंडल से जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता का फोटो पोस्ट करने के मामले में एफआईआर हो गई है। पटना के सचिवालय थाना में शुक्रवार को केस दर्ज किया गया है। इसमें सम्राट के दफ्तर के एक कर्मचारी को आरोपी बनाया गया है। सचिवालय थाना की एसआई अमिता कुमारी की शिकायत पर सीएम सचिवालय में तैनात आशुलिपिक (स्टेनोग्राफर) सागर प्रसाद पर पॉक्सो एक्ट समेत अन्य अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
दरअसल, जमुई जिले में बीते दिनों सरेआम हवसी गुंडों के उत्पीड़न की शिकार हुई नाबालिग छात्रा ने परिवार के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गुरुवार को मुलाकात की थी। पटना स्थित सीएम आवास में हुई इस मुलाकात की तस्वीर सीएम के सोशल मीडिया हैंडल पर रात में पोस्ट कर दी गई। हालांकि, फोटो को कुछ ही मिनटों में हटा दिया गया, लेकिन तब तक यह वायरल हो गई।
तेजस्वी ने सीएम पर बोला हमला
विपक्ष ने इसे मुद्दा बना दिया। नेता प्रतिपक्ष एवं आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया। उन्होंने सुसंगत धाराओं में केस दर्ज करने की भी मांग की। अब इस मामले में सीएम के हैंडल से फोटो पोस्ट करने वाले कर्मचारी पर ऐक्शन हो गया है।
स्टेनोग्राफर ने अपलोड किया था फोटो
एफआईआर में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के आधिकारिक एक्स हैंडल से जमुई कांड की पीड़िता की फोटो पोस्ट की गई थी। यह फोटो अन्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। सूचना मिलने के बाद सचिवालय थाना पुलिस ने जब सत्यापन किया तो पाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद ने यह फोटो एक्स पर अपलोड किया था।
फोटो शेयर करने वाले अन्य लोगों पर भी ऐक्शन होगा
एफआईआर में आशुलिपिक सागर के अलावा पीड़िता की सोशल मीडिया पर पहचान उजागर करने वाले अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। सचिवालय थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि फोटो को शेयर करने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पीड़िता का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने से घटना की संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक हो गई है। यह लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है।
देश भर में चर्चित हुआ जमुई की घटना
जमुई जिले में मड़वा पहाड़ी के रास्ते 19 सितंबर की शाम को सहपाठी के साथ लौट रही नाबालिग छात्रा के साथ हवसी गुंडों ने बीच सड़क छेड़खानी की थी। आरोपियों ने पीड़िता के साथ अश्लील हरकत और बदसलूकी की। इसका वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला देश भर में चर्चा का विषय बना।
जमुई पुलिस ने इस केस में मुख्य आरोपी नंदन यादव और हरेराम यादव के अलावा अन्य सभी गुंडों को गिरफ्तार कर लिया। जमुई के बाद समस्तीपुर, बांका और किशनगंज जैसे जिलों से भी ऐसी ही घटनाएं सामने आईं, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।




