Monday, July 27, 2026
Google search engine
Homeदेशसमुद्री हमलों के बाद भारत अलर्ट, नाविकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन जारी

समुद्री हमलों के बाद भारत अलर्ट, नाविकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन जारी

 नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे संघर्ष वाले समुद्री इलाकों खासकर काला सागर क्षेत्र में नौकरी करने से पहले सुरक्षा हालात का सावधानी से आकलन करें। विदेश मंत्रालय ने ब्लैक सी और उससे सटे समुद्री इलाकों में सुरक्षा जोखिमों के बारे में एक एडवाइजरी जारी की है।

एडवाइजरी में कहा गया है, "जो भारतीय नागरिक संघर्ष वाले इलाकों में या वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर नौकरी करना चाहते हैं उन्हें सलाह दी जाती है कि वे ऐसे काम को स्वीकार करने से पहले वहां मौजूद सुरक्षा जोखिमों का अच्छी तरह से आकलन कर लें।"

'बहुत सावधानी बरतने की जरूरत'
सरकार ने यह भी कहा कि जो लोग ऐसी नौकरी के ऑफर स्वीकार करते हैं उन्हें बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। यह एडवाइजरी पिछले हफ्ते ब्लैक सी इलाके में कमर्शियल जहाजों पर हुए दो हमलों में पांच भारतीयों की मौत के बाद जारी की गई है। कल हुए ताजा हमले में एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि 19 जुलाई को इसी तरह के हमले में चार अन्य लोगों की जान चली गई थी।

'हालात बेहद अस्थिर बने हुए हैं'
सरकार ने पहले कमर्शियल शिपिंग पर हुए उन हमलों की निंदा की थी, जिनसे निर्दोष नागरिकों की जान को खतरा पैदा हुआ था। सरकार ने अपनी ताजा एडवाइजरी में कहा है कि चल रहे संघर्ष की वजह से ब्लैक सी और उसके आस-पास के समुद्री इलाकों में हालात बहुत अस्थिर बने हुए हैं।

सरकार ने कहा, "इन इलाकों में चलने वाले या यहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा के बड़े खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें मिसाइल और ड्रोन हमले भी शामिल हैं। अप्रैल 2026 से कमर्शियल जहाजों पर ऐसी घटनाओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और इन घटनाओं में पांच भारतीयों की दुखद मौत भी हुई है।"

सरकार ने और क्या कहा?
इसमें आगे कहा गया है कि जो लोग संघर्ष वाले इलाकों में नौकरी करना चाहते हैं उन्हें जहाज के तय रूट, जिन बंदरगाहों पर जहाज रुकेगा, सुरक्षा इंतजामों, इंश्योरेंस कवरेज और इमरजेंसी में की जाने वाली कार्रवाई के तरीकों के बारे में मालिकों और जहाज ऑपरेटरों से पूरी जानकारी लेनी चाहिए।

एडवाइजरी में कहा गया है, "यह सुनिश्चित करें कि रोजगार की शर्तें लागू अंतरराष्ट्रीय समुद्री मानकों के अनुरूप हों और आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा देखभाल, निकासी, स्वदेश वापसी और मुआवजे के लिए उचित प्रावधान हों।"

सरकार ने भारतीय नाविकों से यह भी कहा कि वे अपने परिवार के सदस्यों को यात्रा के कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते रहें और उनसे नियमित संपर्क बनाए रखें। जिन लोगों को कांसुलर सहायता की जरूरत है उन्हें सलाह दी गई है कि वे उस क्षेत्र में भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments