Friday, August 21, 2026
Google search engine
Homeराज्यछत्तीसगढ़प्रभारी सचिव ने विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की

प्रभारी सचिव ने विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की

बिलासपुर
 वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने आज जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागवार योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य हासिल करने से नहीं, बल्कि आम लोगों और हितग्राहियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने से तय होती है। बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

प्रभारी सचिव श्री पिंगुआ ने कहा कि आमतौर पर सरकारी योजनाओं को पूरा करते समय हम भौतिक और वित्तीय लक्ष्य पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि लोगों को उससे मिलने वाली सुविधा और सुशासन कई बार उपेक्षित रह जाता है। समय बदल रहा है और अब इस दिशा में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं पर काम करते समय स्वयं को केवल विभागीय दायरे तक सीमित न रखें, बल्कि लोगों और हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जानने का प्रयास करें कि योजनाओं का वास्तविक लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त फीडबैक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार का अवसर मिलता है।

प्रभारी सचिव ने सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को अपने कार्यों का स्व-मूल्यांकन करने और आम लोगों के साथ विनम्र व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बायोमेट्रिक अटेंडेंस की भी समीक्षा की और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को इसका अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचकर निर्धारित समय में कार्य करें तो कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और देर रात तक कार्यालय में बैठने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने समस्त शासकीय पत्राचार ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से करने के निर्देश दिए।

जैविक खेती और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों द्वारा नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग भी बढ़ रहा है। श्री पिंगुआ ने जिले में बीज उत्पादन को बढ़ावा देकर बीज के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने की प्रगति की भी जानकारी ली।

पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 14 गोधामों को मंजूरी मिल चुकी है। प्रत्येक गोधाम में 200 पशुओं को रखने की क्षमता है। हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए श्री पिंगुआ ने कहा कि केवल निःशुल्क सामग्री अथवा सहायता उपलब्ध कराना योजनाओं का अंतिम उद्देश्य नहीं होना चाहिए। योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों के जीवन स्तर में वास्तविक बदलाव दिखाई देना चाहिए।

मलेरिया नियंत्रण और मौसमी बीमारियों की स्थिति की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रभारी सचिव ने जिले में मलेरिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अब तक मलेरिया के 61 पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जिनमें से तीन का उपचार चल रहा है और शेष मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए मितानिनों के पास आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने सभी ग्रामों में भू-जल संरक्षण के लिए इंजेक्शन वेल निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 275 इंजेक्शन वेल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। प्रभारी सचिव ने कहा कि इन संरचनाओं का प्रभाव आगामी गर्मी के मौसम में भू-जल संरक्षण के रूप में दिखाई देना चाहिए।

स्कूलों में किताब और गणवेश वितरण पूरा, मध्यान्ह भोजन की उपलब्धि बढ़ाने के निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले के सभी बच्चों को पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरित किए जा चुके हैं। मध्यान्ह भोजन योजना की 67 प्रतिशत उपलब्धि को प्रभारी सचिव ने अपर्याप्त बताते हुए इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के नियमित पर्यवेक्षण और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया।

अरपा नदी के जीर्णोद्धार और यातायात व्यवस्था की समीक्षा
प्रभारी सचिव ने शहर के बीच से प्रवाहित अरपा नदी के जीर्णोद्धार एवं पुनरुद्धार के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की स्थिति को कम करने के लिए किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा की तथा प्रभावी एवं दीर्घकालिक समाधान पर जोर दिया।

सीएम हेल्पलाइन के 80 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण
बैठक में सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में अब तक करीब 11 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है। सर्वाधिक शिकायतें बिजली, राजस्व और नगर निगम से संबंधित हैं। प्रभारी सचिव ने लंबित आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

450 से अधिक गांवों में 900 से ज्यादा कार्य स्वीकृत
श्री पिंगुआ ने वीबी रामजी योजना के ग्रामीण विकास के लिए बेहतर उपयोग पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि जिले के साढ़े चार सौ से अधिक ग्रामों में 900 से ज्यादा कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नालंदा परिसर को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
प्रभारी सचिव ने शहर में लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में 120 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसका निर्माण निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का जिले में पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments