Sunday, September 13, 2026
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चीन-जर्मनी से मशीनों के आयात पर लगेगी लगाम, कानपुर में तैयार होंगी टेक्सटाइल मशीनें

 लखनऊ
 खादी एवं वस्त्र उद्योग विभाग ने कानपुर के घाटमपुर में एक हजार एकड़ भूमि पर टेक्सटाइल मशीनरी पार्क की स्थापना की तैयारी शुरू कर दी है। इस संदर्भ में विभाग की तरफ से जल्द ही सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। घाटमपुर में गन्ना विभाग की एक हजार एकड़ भूमि बेकार पड़ी है। वस्त्र उद्योग विभाग की कोशिश है कि इस भूमि पर टेक्सटाइल उद्योग के लिए मशीनों का निर्माण करने वाली इकाईयों की ही स्थापना की जाए।

राज्य में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में एक हजार एकड़ भूमि पर पीएम मित्र वस्त्र पार्क सहित संत कबीर के नाम पर विभिन्न जिलों में 10 वस्त्र पार्कों की स्थापना की जा रही है। इन पार्कों की स्थापना के बाद राज्य के टेक्सटाइल एवं परिधान उद्योग की तस्वीर बदल जाएगी।

टेक्निकल टेक्सटाइल की मशीनों को किया जाएगा आयात
राज्य में टेक्सटाइल उद्योग सैकड़ों वर्ष पुराना है, लेकिन आज भी कई इकाइयों में पारंपरिक मशीनों से ही टेक्सटाइल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि बड़ी इकाइयों में टेक्सटाइल उत्पादों को तैयार करने के लिए चीन, ताइवान, जर्मनी, वियतनाम व दक्षिण कोरिया से सर्कुलर निटिंग मशीन, फ्लैट निटिंग मशीन सहित टेक्निकल टेक्सटाइल की मशीनों का आयात किया जाता है।

कानपुर में टेक्सटाइल मशीनरी उद्योग की स्थापना के बाद उद्योगपतियों को करीब 30 से 40 प्रतिशत तक की कम कीमत पर मशीनें उपलब्ध होंगी।

इस पार्क का उद्देश्य टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। इससे आयातित मशीनों का निर्माण स्थानीय स्तर पर किया जाएगा। साथ ही स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 में वस्त्र, परिधान व हस्तशिल्प का कुल निर्यात लगभग 35 हजार करोड़ रुपये का था।

उत्तर प्रदेश देश में टेक्सटाइल उत्पादों का चौथा बड़ा निर्यातक राज्य है। गौतम बुद्ध नगर वस्त्र निर्यात में देश में दूसरे स्थान पर है। वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान का कहना है कि सरकार राज्य में टेक्सटाइल को हर प्रकार से बढ़ावा दे रही है।इसी सिलसिले में कानपुर में इस पार्क की स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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