Thursday, July 16, 2026
Google search engine
Homeराज्यउत्तर प्रदेशयोगी सरकार की टेक्सटाइल नीति का असर, भारत टेक्स-2026 में यूपी के...

योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति का असर, भारत टेक्स-2026 में यूपी के विकास मॉडल की गूंज

योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति से उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान, भारत टेक्स-2026 में गूंजा यूपी का विकास मॉडल

– मंत्री राकेश सचान बोले, प्रधानमंत्री के 5एफ विजन को नई गति दे रही योगी सरकार, निवेश, रोजगार और निर्यात पर विशेष फोकस

– 1.91 लाख हथकरघा बुनकरों, टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 और पीएम मित्र पार्क से मजबूत हो रहा वस्त्र उद्योग

– बनारसी साड़ी, चिकनकारी, कालीन, दरी और होम टेक्सटाइल के साथ तकनीकी वस्त्रों में भी तेजी से बढ़ रही उत्तर प्रदेश की पहचान

– बिजली सब्सिडी, छात्रवृत्ति, पुरस्कार और विभिन्न योजनाओं से बुनकरों को मिल रहा व्यापक संबल

लखनऊ
 भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स-2026 के दौरान उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पारंपरिक बुनकरी की समृद्ध विरासत को आधुनिक औद्योगिक विकास से जोड़ते हुए देश के अग्रणी टेक्सटाइल हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। भारत टेक्स-2026 के मंच से उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5एफ विजन (फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन) को आधार बनाकर प्रदेश सरकार निवेश, रोजगार, नवाचार और निर्यात को नई गति दे रही है। योगी सरकार की टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति और बुनकर कल्याण की योजनाओं ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक टेक्सटाइल मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है।

राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सदियों से समृद्ध हथकरघा परंपरा का केंद्र रहा है। प्रदेश के लगभग 1.91 लाख हथकरघा बुनकर अपनी कला और कौशल से देश-विदेश में पहचान बना रहे हैं। बनारसी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, भदोही के कालीन, सीतापुर की दरी, मेरठ और बागपत के होम टेक्सटाइल उत्पाद आज वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश की पहचान बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक उत्पादों के साथ तकनीकी वस्त्रों और आधुनिक गारमेंटिंग क्षेत्र में भी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के माध्यम से निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। भूमि लागत में सहायता, स्टांप शुल्क में छूट, पूंजीगत अनुदान, ब्याज अनुदान और अन्य सुविधाओं के माध्यम से प्रदेश में निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। इसी का परिणाम है कि टेक्सटाइल क्षेत्र में नए निवेश और रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार बुनकरों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के हजारों हथकरघा बुनकरों को बिजली बिल पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी), वाराणसी के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जाति के बुनकरों के लिए विशेष योजनाएं तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के माध्यम से आधुनिक तकनीक और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क की स्थापना से वस्त्र उद्योग को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में उत्तर प्रदेश के बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी समितियों और उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। सरकार स्टॉल, यात्रा, परिवहन और अन्य व्ययों पर सहायता उपलब्ध कराकर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य केवल पारंपरिक बुनकरी को संरक्षित करना नहीं, बल्कि उसे आधुनिक तकनीक, वैश्विक बाजार और निवेश से जोड़कर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments