Sunday, October 18, 2026
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पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ी सरगर्मी, चुनाव आयोग के दौरे पर टिकी नजरें

चंडीगढ़ 

पंजाब में 2027 के चुनाव की घोषणा को लेकर हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग की टीम इसी महीने 27-28 अक्टूबर को पंजाब आ रही है। ये टीम चुनाव को लेकर ग्राउंड लेवल पर तैयारियों का जायजा लेगी।
इसके बाद चुनाव की घोषणा की जा सकती है। फिलहाल कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर तय टाइम रहा तो चुनाव की घोषणा 15 दिसंबर के बाद होगी। जिसमें फरवरी में वोटिंग कराई जा सकती है।

हालांकि अगर 2022 के चुनाव का ट्रेंड देखें तो चुनाव आयुक्तों के दौरे के कुछ दिनों बाद ही घोषणा कर दी गई थी। तब आयोग की टीम 15–16 दिसंबर 2021 में पंजाब आई थी। जिसके 24 दिन बाद 8 जनवरी 2022 को चुनाव की घोषणा कर दी गई थी। 20 फरवरी को वोटिंग के बाद 10 मार्च को काउंटिंग हुई थी।

पंजाब में CM का कार्यकाल मार्च महीने तक का है। इससे पहले सारी प्रक्रिया पूरी करवा ली जाएगी। दिल्ली से चुनाव आयुक्तों ने अपने दौरे से पहले कुछ अधिकारियों की टीमें राज्य में रिपोर्ट तैयार करने के लिए पहले ही भेज दी हैं जो कि अलग-अलग जिलों में चुनाव की तैयारियों के संबंध में रिपोर्ट तैयार कर रही हैं।

चुनावों की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। आयोग की ये टीमें मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की प्रथम स्तरीय जांच (FLC), मतदाता सूची के अपडेशन, मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रही हैं।

चुनाव आयोग की टीमें क्या-क्या करेंगी जानिए…

    राजनीतिक दलों के साथ बैठक: आयोग सबसे पहले राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगा। त्योहारों, मौसम या परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव तिथियों पर सुझाव, संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को सुना जाएगा।

    प्रशासनिक एवं पुलिस तंत्र की तैयारी: सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO), पुलिस अधीक्षकों (SP) और संभागीय आयुक्तों के साथ बैठक कर जिला-स्तरीय तैयारियों का जायजा लिया जाएगा। राज्य में सुरक्षा की स्थिति, गैर-जमानती वारंटों की तामीली, और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा की जाती है। स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए कितनी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियों की तैनाती की आवश्यकता होगी, इसका खाका तैयार किया जाएगा।

    धनबल, बाहुबल और अवैध गतिविधियों पर रोक: आयोग की टीम इनकम टैक्स, कस्टम्स, राज्य आबकारी विभाग, नारकोटिक्स, बैंक अधिकारियों और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ संयुक्त बैठक करेगा। चुनाव के दौरान वोट हासिल करने के लिए बांटे जाने वाले अवैध नकद, शराब, ड्रग्स और मुफ्त सामान की आवाजाही को रोकने के लिए चेकपोस्टों और संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा की जाएगी। पड़ोसी राज्यों से लगती सीमाओं को सील करने और वहां निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए जाएंगे।

    मतदान केंद्रों और बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण: आयोग हर बूथ पर पीने का पानी, शौचालय, बिजली, रैंप (दिव्यांगों के लिए), शेड और वेटिंग एरिया की व्यवस्था देखेगा। पिंक बूथ और मॉडल पोलिंग स्टेशनों के निर्माण की योजना जांची जाएगी।

    मतदाता सूची और EVM/VVPAT की स्थिति: मतदाता सूची की स्थिति, नए व युवा मतदाताओं के पंजीकरण और वोटर कार्ड (EPIC) के वितरण की समीक्षा की जाएगी। मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) पूरी हुई या नहीं और EVM/VVPAT के सुरक्षित भंडारण व स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था देखी जाएगी।
    आईटी टूल्स और शिकायत निवारण तंत्र: आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराने वाले cVIGIL एप और उम्मीदवारों की अनुमति से जुड़े 'सुविधा' पोर्टल के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच की जाएगी।
    मीडिया निगरानी: फेक न्यूज, हेट स्पीच और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए 'मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी' (MCMC) के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
    राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ अंतिम बैठक: दौरे के अंतिम दिन मुख्य चुनाव आयुक्त राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इसमें पूरे दौरे के निष्कर्ष साझा किए जाएंगे और किसी भी कमी को दूर करने के लिए अंतिम निर्देश दिए जाएंगे।

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