Wednesday, August 12, 2026
Google search engine
Homeराज्यछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में GeM खरीद ने पकड़ी रफ्तार, सरकार ने बचाए ₹130 करोड़

छत्तीसगढ़ में GeM खरीद ने पकड़ी रफ्तार, सरकार ने बचाए ₹130 करोड़

रायपुर

प्रदेश को सरकारी खरीदी में डिजिटल प्लेटफार्म के बढ़ते इस्तेमाल में बड़ी उपलब्धि मिली है। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से राज्य में शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में 113 प्रतिशत बढ़कर 3,935 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को इसी अवधि में 1,800 करोड़ रुपये के आर्डर मिले हैं। यह विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 61 प्रतिशत अधिक है।

यह निर्धारित 25 प्रतिशत एमएसई खरीद लक्ष्य से अधिक है। छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी बढ़ी है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत, एससी-एसटी उद्यमियों से 108 प्रतिशत और स्टार्टअप से खरीदी में 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रदेश का हुआ सम्मान

जेम के 10वें स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश को जेम सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। जेम के प्रभावी उपयोग और शासकीय खरीदी में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए यह सम्मान मिला है।
130 करोड़ की बचत हुई

जेम की खुली और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के चलते वर्ष 2025-26 में राज्य शासन को करीब 130 करोड़ रुपये की बचत हुई। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है। विगत तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी से कुल 235 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जेम ने प्रदेश के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है। खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है।
सीधे सरकार को बेचें अपने उत्पाद, यह है प्रक्रिया

सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) से जुड़कर स्थानीय उद्यमी बिना किसी बिचौलिए के सीधे सरकारी विभागों को अपने उत्पाद बेच सकते हैं। इससे व्यापार में पूरी पारदर्शिता आती है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होती है। जेम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए उद्यमियों को अपना आधार, पैन कार्ड, बैंक विवरण और जीएसटी नंबर (यदि लागू हो) के साथ आधिकारिक वेबसाइट gem.gov.in पर जाना होता है। यहां 'साइन अप' विकल्प चुनकर विक्रेता (Seller) के रूप में अपनी कंपनी का पंजीयन करना बेहद आसान और निःशुल्क है। इसके माध्यम से छोटे कारोबारियों को बड़ा बाजार और समय पर भुगतान मिलता है।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments