Tuesday, August 18, 2026
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गैस सिलेंडर बुकिंग पर पड़ सकता है असर, 6 दिन में LPG e-KYC कराना जरूरी

अमृतसर.

वास्तविक उपभोक्ताओं का सत्यापन करने, फर्जी और निष्क्रिय गैस कनेक्शनों की पहचान करने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से घरेलू एलीपीजी कनेक्शन उपभोक्ताओं से 16 अगस्त, 2026 तक ई-केवाईसी कराने को कहा गया था।

जिले के 3.5 लाख के करीब एलपीजी कनेक्शन उपभोक्ताओं में से 85 प्रतिशत तो ई-केवाईसी करवा चुके हैं, लेकिन अभी भी 15 प्रतिशत इससे अछूते हैं। इनमें से कई उपभोक्ता ऐसे हैं जो मर चुके हैं या देश से बाहर हैं जबकि कई दिव्यांग हैं या बुजुर्ग हो चुके हैं जिनकी ई-केवाईसी नहीं हो सकती। ऐसे में उनके स्वजन कनेक्शन अपने नाम पर करवा सकते हैं, उन्हीं की सुविधा के लिए ही ई-केवाईसी करवाने का समय बढ़ाकर 23 अगस्त, 2026 तक कर दिया गया है। इस तरह ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न करने वाले उपभोक्ता के पास छह दिन बाकी है, अन्यथा उनकी एलपीजी सिलिंडर बुकिंग रुक सकती है। इस बारे में तेल कंपनियों की तरफ से उपभोक्ताओं को बाकायदा रिमाइंडर मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। एलपीजी उपभोक्ता तीन मोड-एप, डिलीवरी कर्मचारी या डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से ई-केवाईसी करवा सकते हैं। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार तीनों में से किसी भी मोड का चयन कर सकता है।

ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी करने का तरीका
इंडेन गैस –

  • -इंडियनआयल वन एप डाउनलोड करें (यह एप एंडरायड व आओएस दोनों पर उपलब्ध है)।
  • -एप खोलकर अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर अथवा ईमेल एड्रेस से साइनअप करें।
  • -फिर अपने 16 अंकों की एलपीजी आइडी जोकि आपके कैश मेमो या सब्सक्रिप्शन वाउचर पर उपलब्ध है, उसे लिंक करें।
  • -होम स्क्रीन पर नीचे दिए गए विकल्पों में से मेरी प्रोफाइल पर टैप करें।
  • -माय प्रोफाइल पेज पर एलपीजी डिटेल्स, इंडेन डिटेल्स अनुभाग में जाएं और रीकेवाईसी पर टैप करें।
  • -स्क्रीन पर कुछ निर्देश तथा शर्तें दिखाई देगीं। इन्हें ध्यान से पढ़ें और अपनी सहमति दें।
  • -फिर फेस स्कैन बटन पर क्लिक करें और बायोमीट्रिक आधार वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें।
  • -अगर आपका आधार बायोमीट्रिक लाक है तो पहले उसे अनलाक करें।
  • -बायोमीट्रिक लाक की स्थिति में आधार से जुड़ी ई-केवाईसी पूरी नहीं हो पाएगी। इसके लिए गूगल प्ले स्टोर या एप्पल एप स्टोर से एमआधार एप डाउनलोड करें और अपने आधार के माध्यम से रजिस्टर करें।
  • -माई आधार सेक्शन पर जाएं और बायोमीट्रिक सेटिंग्स चुनें।
  • -वहां अनलाक बायोमीट्रिक पर क्लिक करें और ओटीपी द्वारा अपना बायोमीट्रिक अनलाक करें।
  • -पूरी प्रक्रिया में किसी भी चरण में सहायता के लिए काल करें।
  • -आयल इंडस्ट्री हेल्पलाइन पर 1800 2333555 (टोल फ्री)
  • -इस तरह इंडेन एलपीजी के साथ, घर बैठे पाएं ई-केवाईसी की सुविधा और निरंतर उर्जा का भरोसा।

भारतगैस –

  • -हेलोबीपीसीएल एप खोलें।
  • -अपने भारतगैस कनेक्शन से संबंधित एलपीजी सेवाओं में जाएं।
  • -उपलब्ध केवाईसी/आधार प्रमाणीकरण (आथेंटिकेशन) विकल्प से प्रक्रिया पूरी करें।
  • -भारत पेट्रोलियम के आधिकारिक एप में भारतगैस की एलपीजी सेवाएं उपलब्ध हैं।

एचपी गैस –

  • -एचपी-पे एप/एचपी गैस की आनलाइन सेवा में लागिन करें।
  • -एलपीजी से संबंधित केवाईसी/आधार प्रमाणीकरण (आथेंटिकेशन) विकल्प देखें।
  • -मांगी गई जानकारी देकर प्रमाणीकरण पूरा करें।
  • -एचपीसीएल के अनुसार एचपी गैस के लिए ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है और आधार को एलपीजी खाते से जोड़ने की व्यवस्था है।

जरूरी सावधानी –
ओटीपी या आधार की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को फोन पर न बताएं। अगर ऐप में ई-केवाईसी का विकल्प नहीं दिख रहा है, तो उपभोक्ता अपने अधिकृत गैस डिलीवरी कर्मचारी/डिस्ट्रीब्यूटर से सत्यापन करा सकते हैं। एलपीजी फेडरेशन अमृतसर के अध्यक्ष अनुज सिक्का ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं से 23 अगस्त, 2026 तक अनिवार्य ई-केवाईसी कराने की अपील की है। उनके अनुसार जिले में 3.5 लाख एलपीजी कनेक्शन उपभोक्ता है। 85 प्रतिशत लोग यह प्रक्रिया मुकम्मल कर चुके है। उम्मीद है कि बाकी के उपभोक्ता भी 23 अगस्त से पहले-पहले ई-केवाईसी करवा लेंगे। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता अपने नजदीकी गैस वितरक के कार्यालय में आधार कार्ड और उपभोक्ता संख्या के साथ जाकर बायोमीट्रिक सत्यापन के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं।

ई-केवाईसी की अधिक जानकारी के लिए मोबाइल पर मैसेज देखें
जिन लोगों को नहीं मालूम है कि उनके कनेक्शन की ई-केवाईसी हुई है या नहीं। उसके लिए उन्हें अपने मोबाइल में इनबाक्स में जाकर चेक करना होगा। क्योंकि तेल कंपनियों की तरफ से प्रत्येक उपभोक्ता को रिमाइंडर मैसेज भेजे जा रहे हैं। यदि उन्हें अपने मोबाइल में ऐसा मैसेज नहीं दिखाई देता है, तो तुरंत अपनी गैस एजेंसी में जाकर पता करें। कुछ उपभोक्ता ऐसे भी है जिनके पास एंडरायड फोन नहीं है, वे

अपने कीपैड फोन में इनबॉक्स को क्लीयर नहीं करते, जिससे कि उन्हें मैसेज आया भी है या नहीं, बाबत पता नहीं चलता। इसके अतिरिक्त कई ऐसे उपभोक्ता होते है जो कम पढ़े-लिखे होतें है, मैसेज चेक करना तक नहीं आता। इन सारी कमियों के मद्देनजर पहले भी कुछ गैस एजेंसियां फोन करके अपने उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी पेंडिंग रहने बारे अवगत करवा चुकी है। अब दोबारा इस कवायद को अपनाने जा रहीं है।

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