Tuesday, September 1, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबहरियाणा की राजनीतिधानी से पंजाब यूनिवर्सिटी तक, अंकित बिढान बने छात्र राजनीति...

हरियाणा की राजनीतिधानी से पंजाब यूनिवर्सिटी तक, अंकित बिढान बने छात्र राजनीति के नए सरताज

चंडीगढ़.

पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जीत दर्ज की है। प्रधान बने हैं अंकित बिढान, जिन्होंने आम आदमी पार्टी की स्टूडेंट ईकाई एएसएपी के आदिल बराड़ को हराकर भगवा लहराया।

अंकित बिढान जींद के पेगां गांव के रहने वाले हैं। जींद को हरियाणा की राजनीतिक राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव हर बड़ी पार्टी यहां रैली कर चुनावी अभियान का आगाज करती हैं।  जींद के डीएवी स्कूल से 12वीं पास करने के बाद अंकित बिढान ने चंडीगढ़ का रुख किया। एलएलबी, एलएलएम की और फिलहाल पीएचडी स्काॅलर हैं। छह साल से पंजाब यूनिवर्सिटी में हैं। यहां एबीवीपी से जुड़कर विद्यार्थियों में अपनी पैठ बनाई और अब पीयू के सरताज बन गए। अंकित बिढान के पिता जींद शुगर मिल में निदेशक रह चुके हैं। फिलहाल उन्होंने गांव में ही पाइप की फैक्ट्री लगा रखी है। मां गृहिणी हैं। अंकित के बड़े भाई सुमित शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर हैं, वहीं बड़ी बहन नीरू शादीशुदा है। 

अंकित बोले-मेरी नहीं, जेन जी की जीत
अंकित बिढ़ान ने अपनी जीत को पूरी जेन- जी की जीत बताया। उन्होंने कहा कि इस जीत से साबित हो गया है कि जेन- जी के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद पहली बार किसी यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव हुए हैं। पीयू में हुआ यह चुनाव विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि यह जीत उनके पुराने रिपोर्ट कार्ड का हिस्सा है। विद्यार्थियों ने उनके काम और सक्रियता पर भरोसा जताया है। अब घोषणा पत्र में किए गए सभी वादों को पूरा करना उनकी प्राथमिकता होगी।

अंकित की पात्रता और नाकांकन पर सवाल
वहीं, अंकित बिढान की पात्रता और नामांकन पर आम आदमी पार्टी (आप) ने हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है। आप के विधायक एवं पीयू चुनाव प्रभारी अमृतपाल सिंह सुखानंद का आरोप है कि अंकित के नामांकन में अब तक छह खामियां सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद उनका नामांकन रद नहीं किया गया। सुखानंद ने आरोप लगाया कि अंकित को नकल करते पकड़े जाने के बाद पीयू ने दो साल के लिए प्रतिबंधित किया था। इसके अलावा सेक्टर-11 में मारपीट का एक मामला दर्ज होने का भी दावा किया। उन्होंने अंकित की साबरमती यूनिवर्सिटी की डिग्री की मान्यता की भी जांच कराने की मांग की। कहा कि यदि यूनिवर्सिटी नियमों के अनुसार प्रत्याशी चुनाव लड़ने के योग्य नहीं है तो नामांकन स्वीकार कैसे किया गया। इसे लेकर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments