Tuesday, July 28, 2026
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एमओयू के बाद किसानों को बिना अतिरिक्त शुल्क किराए पर मिलेंगे कृषि यंत्र

 सीकर
प्रदेश के किसानों को अब आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर लेने के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कृषि विभाग और टैफे जेफार्म सर्विसेज के बीच होने वाले एमओयू के बाद किसान राज किसान साथी पोर्टल के जरिए ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि यंत्र बिना अतिरिक्त सेवा शुल्क के ऑनलाइन किराए पर ले सकेंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने की मजबूरी नहीं रहेगी।

एमओयू के तहत भूमि तैयारी, बुवाई, कटाई और पोस्ट हार्वेस्टिंग तक के लिए आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। जेफार्म सर्विसेज प्लेटफॉर्म से किसान, कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी), ट्रैक्टर मालिक और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) जुड़ेंगे, जिससे कृषि यंत्रों का किराया नेटवर्क मजबूत होगा।

किसानों के लिए प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान, किसान गोष्ठियां और प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों और एग्री-स्टार्टअप्स के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम भी चलेंगे। अभी तक किसानों को कृषि उपकरण किराए पर लेने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर के चक्कर लगाने पड़ते थे। समय पर उपकरण नहीं मिलने से बुवाई और थ्रेसिंग जैसे कार्य प्रभावित होते थे, जिससे नुकसान उठाना पड़ता था।

नई व्यवस्था से ट्रैक्टर और कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध होंगे, खेती की लागत घटेगी और समय पर कृषि कार्य पूरे हो सकेंगे। संयुक्त निदेशक कृषि शिवजीराम कटारिया ने बताया कि कृषि विभाग पहली बार प्रदेश स्तर पर किसी कृषि यंत्र निर्माता फर्म से एमओयू कर रहा है। इससे कृषि यंत्रीकरण और डिजिटल सेवाओं को गांवों तक पहुंचाया जा सकेगा।

किसानों को ऐसे होगा फायदा
    राज किसान साथी पोर्टल से ऑनलाइन बुकिंग।
    ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि यंत्र आसानी से किराये पर उपलब्ध।
    अतिरिक्त सेवा शुल्क नहीं देना होगा।
    छोटे और सीमांत किसानों की खेती की लागत घटेगी।
    समय पर बुवाई, कटाई और अन्य कृषि कार्य संभव होंगे।
    प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलेगा।

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