चंडीगढ़
हरियाणा में निवेश का नया रोडमैप तैयार है। प्रदेश को उत्तर भारत में बड़े निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को मुंबई में ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ निवेश रोडशो का शुभारंभ करेंगे।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह तथा अधिकारियों की टीम के साथ मुख्यमंत्री लगातार दो दिन उद्योग जगत, संस्थागत निवेशकों और वैश्विक कारोबारी नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय बैठकों में हरियाणा में निवेश की संभावनाओं को सामने रखेंगे।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाक्टर अमित अग्रवाल के अनुसार मुंबई रोडशो को अगले साल अप्रैल में प्रस्तावित ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
एक ट्रिलियन डॉलर की राज्य अर्थव्यवस्था की नींव
सरकार का जोर महज निवेश रुचि जुटाने पर नहीं, बल्कि उसे ठोस परियोजनाओं, पूंजी प्रतिबद्धताओं और दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारियों में बदलने पर है। मुख्यमंत्री का यह अभियान हरियाणा की आर्थिक प्रगति को विकसित भारत@2047 के विजन से जोड़ते हुए भविष्य के लिए तैयार एक ट्रिलियन डालर की राज्य अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।
दौरे की सबसे अहम कड़ी प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल ब्रेकफास्ट राउंडटेबल होगी। इसमें ऐसे वैश्विक फंड मैनेजर और संस्थागत निवेशक हिस्सा लेंगे, जिनके पास सामूहिक रूप से 500 अरब अमेरिकी डालर से अधिक की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां हैं। बातचीत में टेक्नोलाजी स्टार्टअप, प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग, आधुनिक लाजिस्टिक्स, कामर्शियल रियल एस्टेट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर फोकस रहेगा।
‘प्रवासी हरियाणवी संवाद मंच’ आयोजित
डॉक्टर अमित अग्रवाल के अनुसार मुख्यमंत्री उद्योग दिग्गजों, सीईओ और संस्थागत फंड प्रमुखों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे। साथ ही मुंबई में बसे प्रमुख हरियाणवी कारोबारियों और वैश्विक उद्यमियों को जोड़ने के लिए विशेष ‘प्रवासी हरियाणवी संवाद मंच’ आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि हालिया नीति घोषणाओं के दौरान 1.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रारंभिक निवेश आशय मिलना राज्य की नीतियों और शासन सुधारों पर बाजार के भरोसे को दर्शाता है। मुंबई से अब सरकार इस रुचि को वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में बदलने की कोशिश करेगी।
नई अर्थव्यवस्था के सेक्टरों पर हरियाणा की नजर
रोडशो में इलेक्ट्रिक वाहन एवं मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर डिजाइन व फैब्रिकेशन, हाई-डेंसिटी डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मास्यूटिकल्स, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और ग्रीन एनर्जी जैसे हाई-वैल्यू सेक्टरों को प्रमुखता दी जाएगी। डिजिटल सिंगल-विंडो मंजूरी व्यवस्था, क्षेत्रीय नीतियों और पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया के जरिए निवेशकों को परियोजना के पूरे जीवनचक्र में सुविधा देने की व्यवस्था की गई है।




