संगरूर
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध सहित अन्य किसानी मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेतृत्व में दिल्ली की ओर पैदल कूच कर रहे किसानों का 51 सदस्यीय जत्था खनौरी बॉर्डर पर पहुंचकर रुक गया।
हरियाणा प्रशासन द्वारा खनौरी बॉर्डर को सील किए जाने और किसानों को पैदल भी हरियाणा की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण किसान रविवार रात भर बॉर्डर के पास सड़क पर ही डटे रहे। किसानों ने सड़क पर बिस्तर लगाकर रात गुजारी।
सीएम सैनी ने दिया आश्वासन
दिल्ली जाने की अनुमति को लेकर रविवार को किसान प्रतिनिधियों और हरियाणा प्रशासन के बीच बैठक हुई। बैठक के दौरान हरियाणा प्रशासन की ओर से किसानों की मुलाकात हरियाणा के मुख्यमंत्री से करवाने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, किसान प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
किसानों का कहना है कि उनकी मांगें हरियाणा सरकार से संबंधित नहीं हैं। मांगों का हल केंद्र सरकार द्वारा ही संभव है, इसलिए उनकी बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ तय करवाई जानी चाहिए। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ बैठक तय नहीं होती अथवा उन्हें दिल्ली जाने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक वह खनौरी बॉर्डर पर ही बैठे रहेंगे।
51 किसानों का जत्था जाना चाहता है दिल्ली
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि पिछली बार सरकार ने किसानों को ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ दिल्ली जाने से रोक दिया था। इस बार किसान शांतिपूर्ण तरीके से केवल पैदल 51 किसानों का जत्था लेकर दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रास्ते में रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों का उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें केंद्र सरकार तक पहुंचाना है।
सोमवार को किसान संगठनों के प्रतिनिधि खनौरी बॉर्डर पर बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही हरियाणा प्रशासन के साथ एक बार फिर बैठक होने की संभावना भी जताई जा रही है।
खनौरी बॉर्डर सील
उधर, खनौरी बॉर्डर को हरियाणा प्रशासन की ओर से कंक्रीट बैरिकेडिंग सहित पूरी तरह सील कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मौके पर वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागने के उपकरण भी लगाए गए हैं। किसान फिलहाल खनौरी बॉर्डर से करीब 200 मीटर पीछे सड़क पर बैठे हुए हैं और केंद्र सरकार के साथ वार्ता की मांग पर अड़े हैं।




