Wednesday, July 8, 2026
Google search engine
Homeराज्यमध्य प्रदेशजनसहभागिता और प्रभावी पुलिसिंग से सुरक्षित समाज के निर्माण पर दिया जोर

जनसहभागिता और प्रभावी पुलिसिंग से सुरक्षित समाज के निर्माण पर दिया जोर

भोपाल 

केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह द्वारा निर्देशित "नशामुक्त भारत" अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए तैयार त्रिवर्षीय रोडमैप के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रदेश में मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, साइबर अपराध नियंत्रण एवं जनशिकायतों के त्वरित निराकरण की समीक्षा के लिये पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी रेंज पुलिस उप महानिरीक्षक एवं भोपाल तथा इंदौर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्तों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता एवं साइबर)  ए. साई मनोहर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स एवं एसटीएफ)  डी. निवास वर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (शिकायत एवं कल्याण)  सोलोमन यश कुमार मिंज ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जन-आंदोलन के रूप में संचालित होगा "नशे से दूरी, है जरूरी 2.0" अभियान- डीजीपी  मकवाणा

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने अधिकारियों को कहा कि प्रदेश में मादक पदार्थों के उन्मूलन, साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम तथा आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की प्रत्येक कार्रवाई समयबद्ध, तकनीक आधारित तथा परिणामोन्मुखी होनी चाहिए, जिससे शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्रभावी प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी, है जरूरी 2.0" को केवल एक सरकारी अभियान तक सीमित न रखते हुए जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। इसके लिए सभी जिलों में विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों, धार्मिक एवं सामुदायिक संस्थाओं, युवा संगठनों तथा समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। अभियान के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया जाए।

डीजीपी  मकवाणा ने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध सख्त एवं सतत् प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावी विवेचना, वित्तीय अनुसंधान तथा संगठित अपराधियों एवं तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक, डिजिटल विश्लेषण एवं त्वरित जांच प्रक्रिया का प्रभावी उपयोग किया जाए, जिससे साइबर अपराधियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई कर पीड़ितों को समय पर राहत प्रदान की जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, जिससे आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।

उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रवर्तन, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, व्यापक जन-जागरूकता तथा बेहतर शिकायत निवारण के माध्यम से नशामुक्त, साइबर सुरक्षित एवं सुरक्षित मध्यप्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी अधिकारी पूर्ण प्रतिबद्धता एवं समन्वय के साथ कार्य करें।

मादक पदार्थों के विरुद्ध त्रिवर्षीय रोडमैप पर जोर

बैठक के प्रथम सत्र में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स तथा एस टी एफ़)  डी. निवास वर्मा द्वारा जनवरी से जून 2026 तक एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मादक पदार्थों के उन्मूलन के लिए तैयार त्रिवर्षीय विजन डॉक्यूमेंट एवं रोडमैप प्रस्तुत किया गया। उन्‍होंने अधिकारियों को वाणिज्यिक मात्रा के प्रकरणों में वित्तीय अनुसंधान को प्राथमिकता देने, क्लैंडेस्टाइन लैब्स पर प्रभावी कार्रवाई करने, सीमावर्ती राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने, शिक्षण संस्थानों के आसपास ड्रग फ्री जोन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने, प्रभावी विवेचना के माध्यम से संगठित नेटवर्क एवं मुख्य अपराधियों तक पहुंचने तथा जिला स्तरीय एनकोर्ड समितियों की बैठकों को अधिक परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। बैठक में 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले "नशे से दूरी, है जरूरी 2.0" राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए इसे व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए।

साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर/गुप्तवार्ता)  ए. साई मनोहर द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी कार्यवाही के संबंध में समीक्षा की गई। उन्‍होंने 25 हजार रूपए से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से e-ZERO एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्‍होंने महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित साइबर अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से साइबर हॉटस्पॉट की पहचान कर विशेष अभियान संचालित करने, MRM Portal के माध्यम से पीड़ितों की फ्रीज राशि शीघ्र वापस कराने, साइबर अन्वेषण से जुड़े अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण कराने तथा आमजन को साइबर अपराधों के प्रति लगातार जागरूक करने के निर्देश भी दिए।

सीएम हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर बल

बैठक के तीसरे सत्र में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (शिकायत)  सोलोमन यश कुमार मिंज, द्वारा सीएम हेल्पलाइन के लेवल-3 एवं लेवल-4 की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments