Sunday, October 4, 2026
Google search engine
Homeदेशमक्का समझौते पर मिस्र का साफ रुख: भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी...

मक्का समझौते पर मिस्र का साफ रुख: भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को दी प्राथमिकता

नई दिल्ली
 तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के मक्का पैक्ट में मिस्र के भी शामिल होने को लेकर चर्चाएं लगातार चल रही थीं। हालांकि, अब मिस्र ने इसे लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, ब्रिक्स समिट के दौरान जब मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, तो मक्का समझौते, उसके क्षेत्रीय और व्यापक असर पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की। इस दौरान मिस्र ने तुर्की को भारत के लिए ठेंगा दिखा दिया।

मक्का पैक्ट से मिस्र क्यों बना रहा दूरी?
मिस्र ने भारत की चिंताओं और अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौते में शामिल न होने का फैसला किया था। जानकारों ने बताया कि नई दिल्ली और काहिरा अरब दुनिया के एक अहम स्तंभ के तौर पर मिस्र के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ाने के लिए काम करेंगे। मिस्र ब्रिक्स का सदस्य है और 2024 में इस समूह में शामिल हुआ था।

भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
तुर्की के बार-बार सुझावों के बावजूद मिस्र अब तक मक्का समझौते में शामिल होने से दूर रहा है। ऐसा उसने किसी का पक्ष न लेने की अपनी रणनीति और भारत के साथ बढ़ते रिश्तों के कारण किया है। पश्चिम एशिया के जानकारों का कहना है कि मक्का समझौते की उपयोगिता सीमित है क्योंकि नाटो या पुराने वारसा समझौते के विपरीत, इन तीनों देशों का कोई साझा दुश्मन या एक नेता नहीं है। इस बात की भी संभावना कम है कि भारत-पाकिस्तान युद्ध की स्थिति में सऊदी अरब सैन्य मदद के जरिए पाकिस्तान की सहायता के लिए आगे आएगा।

मिस्र हमेशा अरब देशों की गुटबाजी से रहा दूर
अरब देशों में सबसे शक्तिशाली सेना वाला मिस्र ऐतिहासिक रूप से गुटबाजी की राजनीति से दूर रहा है। उत्तरी और पूर्वोत्तर अफ्रीका में स्थिरता के स्तंभ के तौर पर अपनी भूमिका निभाता रहा है। काहिरा के पड़ोसी देश इजरायल के साथ जटिल संबंध हैं। जिसके साथ उसके राजनयिक रिश्ते हैं। वह सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच किसी एक का पक्ष नहीं लेना चाहता। इस तरह से मिस्र ने भारत के साथ अपने बढ़ते रिश्तों की वजह से मक्का समझौते पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments