Monday, August 3, 2026
Google search engine
Homeराज्यमध्य प्रदेशनशा मुक्त युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत, विकसित भारत का...

नशा मुक्त युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत, विकसित भारत का आधार : उप मुख्यमंत्री

भोपाल 

देश की युवा शक्ति को नशे से बचाकर राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। अभियान अगले 100 सप्ताह तक जन-आंदोलन के रूप में चलेगा। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय रीवा परिसर तथा अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ‘माय भारत’ और एनएसएस स्वयंसेवकों ने नशा मुक्त समाज का संकल्प लिया। कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि युवा ऊर्जा ही भारत का सबसे बड़ा सामर्थ्य है। विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से बचाना आवश्यक है। जब देश का युवा संकल्प लेता है तो असंभव को भी संभव कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन है। अगले 100 सप्ताह तक स्कूल, कॉलेज, सामाजिक एवं युवा संगठन इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ने ‘माय भारत’, एनएसएस और युवा संगठनों से अभियान के अग्रदूत बनने का आह्वान करते हुए कहा कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को अलग-थलग करने के बजाय उनका हाथ पकड़कर मुख्यधारा में वापस लाना होगा। परिवार, शिक्षण संस्थान, नागरिक समाज और सामाजिक-आध्यात्मिक संगठनों के सामूहिक प्रयास से ही नशा मुक्त भारत का संकल्प साकार होगा।

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को दीमक की तरह खोखला करता है। भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है और यदि युवाओं की ऊर्जा सही दिशा में लगे तो भारत को दुनिया की अग्रणी शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। नशामुक्त युवा शक्ति ही विकसित भारत का अधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर शुरू हुआ यह 100 सप्ताह का अभियान रीवा और पूरे विंध्य के गांव-गांव और गली-गली तक पहुंचाया जाएगा। रीवा इस अभियान में उदाहरण प्रस्तुत करे, इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने युवाओं से ‘नशा मुक्त रीवा-विकसित रीवा’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई को केवल कानून और पुलिस के भरोसे समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए परिवार और समाज में जागरूकता जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अभियान का ‘ब्रांड एंबेसडर’ बनने का आह्वान करते हुए कहा कि माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद बढ़े तथा परिवार में आपसी दूरी कम हो तो युवाओं को नशे की ओर जाने से काफी हद तक रोका जा सकता है। स्वागत उद्बोधन में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुड़रिया ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने के केंद्र नहीं, यह चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने वाला संस्थान भी हैं। प्रधानमंत्री का आह्वान तथा एनएसएस और ‘माय भारत’ की संयुक्त पहल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सौ सप्ताह तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत प्रत्येक रविवार शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक स्तर पर नशा मुक्ति से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें वाकाथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नुक्कड़ नाटक, कला प्रतियोगिताएं और संवाद कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. महेंद्रमणि द्विवेदी, कुलसचिव नीरजा नामदेव, अभिमन्यु प्रसाद, डॉ. सत्येंद्र डेहरिया, एडजंक्ट प्रोफेसर जयराम शुक्ला, सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में एनएसएस एवं माय भारत स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस स्वयंसेवक रचित मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में अतिथियों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ समाज को नशा मुक्त बनाने तथा दूसरों को इसके लिए जागरूक करने की शपथ ली।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments