चंडीगढ़.
यहां सेक्टर-11 में स्थित श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े हत्या के बाद पुलिस ने सुरक्षा और निगरानी प्रणाली में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। अब किसी भी क्रिमिनल घटना के बाद मिनटों में पूरे शहर को सील किया जाएगा जबकि बीट स्टाफ को अपने एरिया से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी।
पुलिस विभाग द्वारा बीट स्टाफ, ट्रैफिक पुलिस और P.C.R. कर्मचारियों के लिए करीब 2800 ऐसे आधुनिक वायरलेस सेट खरीदे जा रहे है, जिनसे हर समय उनकी लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी।
इससे सीनियर अधिकारी यह पक्का करेंगे कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी निर्धारित इलाके में ही मौजूद रहें। पुलिस ने सभी थाना मुखियों को अपने क्षेत्रों से बाहर जाने वाली सड़कों की पहचान कर तुरंत नाकाबंदी के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इस बार शहर को सील करने की पूरी जिम्मेदारी S.P. सिटी को सौंपी गई है। इसलिए हर थाने को 40 से 45 नए बैरिकेड दिए जा रहे हैं।
नाकों पर उठे सवाल
कैशियर मर्डर केस ने पुलिस के नाका सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि जानकी दास की हत्या उसी जगह पर की जहां नाका लगा हुआ था, लेकिन वहां तैनात कर्मचारियों को घटना की भनक तक नहीं लगी। हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद ऑटो में बैठकर भाग गए। इससे पहले सेक्टर-9 के प्रॉपर्टी डीलर मर्डर केस और पंजाब BJP ऑफिस पर बम हमले के आरोपी शहर के नाकों से होकर फरार हो गए थे। ऐसे मामलों ने नाकों के असर पर सवाल खड़े किए हैं।
बीट सिस्टम होगा मजबूत
पुलिस विभाग अब बीट सिस्टम को और मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है। बीट कर्मचारियों को बाजारों और कमर्शियल इलाकों में रेगुलर गश्त करने और दुकानदारों से सीधा संपर्क बनाने को कहा गया है, ताकि लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।




