Saturday, July 11, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबपंजाब निकाय चुनाव को लेकर विवाद, BJP ने राज्यपाल से लगाई निष्पक्ष...

पंजाब निकाय चुनाव को लेकर विवाद, BJP ने राज्यपाल से लगाई निष्पक्ष प्रक्रिया की गुहार

चंडीगढ़
 पंजाब भाजपा ने राज्य की नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के साथ-साथ मेयर और अध्यक्ष पदों के चुनाव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शनिवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इन चुनावों में प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर जनता के जनादेश को पलटने का प्रयास किया गया।

पार्टी ने पूरे मामले की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने तथा जहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है वहां दोबारा चुनाव कराने की मांग की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल ढिल्लों, पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़, अश्विनी शर्मा, मनोरंजन कालिया, अमनजोत कौर रामूवालिया, जंगी लाल महाजन, सुभाष शर्मा, फतेहजंग सिंह बाजवा समेत अन्य नेताओं की ओर से राज्यपाल को सौंपे गए।

ज्ञापन में कहा गया कि संविधान के भाग-9ए के तहत शहरी स्थानीय निकायों में लोकतांत्रिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, लेकिन पंजाब में हालिया चुनावों के दौरान इस संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर किया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि चुनाव प्रक्रिया से पहले वार्डों के परिसीमन में मनमानी की गई, विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया, पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग हुआ तथा मतदान और मतगणना की प्रक्रिया भी प्रभावित की गई।

अबोहर निगम का मुद्दा उठाया
भाजपा ने सबसे गंभीर आरोप अबोहर नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर लगाए। पार्टी के अनुसार 50 सदस्यीय सदन में भाजपा के 28, आम आदमी पार्टी के 20, कांग्रेस के एक और एक निर्दलीय पार्षद थे, जिसके बावजूद रिटर्निंग अधिकारी ने कथित रूप से नियमों को दरकिनार करते हुए हाथ खड़े कराकर मतदान कराया और आप उम्मीदवार को विजयी घोषित कर दिया।

भाजपा का आरोप है कि न तो विधिवत मतदान कराया गया, न बैठक की कार्यवाही वैधानिक रजिस्टर में दर्ज की गई और बहुमत वाले पार्षदों की आपत्तियों को भी नजरअंदाज कर दिया गया। पार्टी ने दावा किया कि विरोध के बाद देर शाम तहसीलदार ने मेयर चुनाव स्थगित करने की घोषणा की, जिससे पहले की प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े हो गए।

कपूरथला निगम में भी धक्केशाही का आरोप
कपूरथला नगर निगम का हवाला देते हुए भाजपा ने कहा कि निर्वाचित सदन में कांग्रेस के 31, आप के 11, शिरोमणि अकाली दल के तीन, भाजपा के तीन और दो निर्दलीय पार्षद थे। इसके बावजूद आप उम्मीदवार को अध्यक्ष निर्वाचित घोषित कर दिया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि एक राजनीतिक दल के पार्षदों को बैठक में प्रवेश ही नहीं करने दिया गया, जिससे सदन की वास्तविक संरचना बदल गई और उनकी अनुपस्थिति का लाभ उठाकर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

भाजपा ने बरनाला समेत अन्य शहरी निकायों में भी इसी तरह प्रशासनिक हस्तक्षेप और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप लगाए। पार्टी का कहना है कि जहां सत्तारूढ़ दल के पास बहुमत नहीं था, वहां भी अधिकारियों की मदद से उसके उम्मीदवारों को मेयर और अध्यक्ष पद पर निर्वाचित कराया गया।

नए सिरे से चुनाव करवाने की मांग रखी
राज्यपाल से भाजपा ने मांग की है कि पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, अबोहर, कपूरथला, राजपुरा, बरनाला सहित अन्य निकायों के चुनाव संबंधी रिकॉर्ड, वीडियोग्राफी और दस्तावेज तलब किए जाएं, दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई हो तथा जहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है वहां नए सिरे से चुनाव कराए जाएं। पार्टी ने भविष्य में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान प्रशासन की पूर्ण राजनीतिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने की भी मांग की।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments