Friday, October 16, 2026
Google search engine
Homeराज्यमध्य प्रदेशमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की योजना की समीक्षा, मध्यप्रदेश बनेगा देश का...

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की योजना की समीक्षा, मध्यप्रदेश बनेगा देश का मिल्क कैपिटल

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आय बढ़ाने में पशुपालन का विशेष योगदान है। प्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल बनाने के उद्देश्य से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने, गौवंश के संवर्धन और संरक्षण तथा पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा समावेशी प्रयास और नवाचार किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित हो रहे मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना अन्य ग्रामों के लिए उदाहरण और प्रेरणा का स्त्रोत बनेंगे। यह नवाचार प्रदेश में गौपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योजना के क्रियान्वयन में सभी संबंधित विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मंत्रालय में योजना की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 129 ग्रामों में दूध समितियों का गठन किया जा चुका हैं। इनमें से 70 ग्रामों में दुग्ध संघ की गतिविधियां संचालित हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सभी वृंदावन ग्रामों को क्षीर सागर योजना में शामिल किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नस्ल सुधार, पशुओं के लिए पोषण, उपचार जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। बैठक में वृंदावन ग्रामों में संचालित गौशालाओं तथा उनके विकास के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी भी दी हैं।

MP में 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित होंगे वृंदावन ग्राम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात मंत्रालय में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना केवल गौवंश संरक्षण तक सीमित नहीं है। इसका सीधा उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों की आय बढ़ाने से भी जुड़ा है। ऐसे में योजना से जुड़े सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल भी मौजूद रहे।

129 गांवों में बनीं दूध समितियां, 70 में शुरू हुई दुग्ध संघ की गतिविधियां
बैठक में योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश के 129 गांवों में दूध समितियों का गठन किया जा चुका है। इनमें से 70 गांवों में दुग्ध संघ से जुड़ी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सरकार का फोकस गांव स्तर पर दूध उत्पादन और उसके व्यवस्थित संग्रहण से लेकर दुग्ध क्षेत्र से जुड़े कामों को मजबूत करने पर है। इससे पशुपालकों को संगठित तरीके से दुग्ध उत्पादन से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

क्षीर सागर योजना से जोड़े जाएंगे सभी वृंदावन ग्राम
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से बताया गया कि सभी मुख्यमंत्री वृंदावन ग्रामों को क्षीर सागर योजना में शामिल किया जा रहा है। इसके तहत पशुओं की नस्ल सुधार, बेहतर पोषण और उपचार जैसी सुविधाओं पर काम किया जाएगा। नस्ल सुधार से बेहतर दुग्ध उत्पादन की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं पशुओं के पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देकर पशुपालकों को अधिक उत्पादक पशुधन उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

गौशालाओं के विकास पर भी रहेगा फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्रामों में संचालित गौशालाओं और उनके विकास के लिए चल रही गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। सरकार का प्रयास है कि गौशालाओं और पशुपालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए, ताकि गौवंश संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने योजना से जुड़े सभी कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सरकार का लक्ष्य है कि मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को नई दिशा दे और किसानों-पशुपालकों की आय बढ़ाने में उपयोगी साबित हो।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments