Thursday, July 16, 2026
Google search engine
Homeराज्यमध्य प्रदेशमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी के अभिनव स्वास्थ्य अभियान की सराहना की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी के अभिनव स्वास्थ्य अभियान की सराहना की

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी जिले के पाटी विकासखंड के बोकराटा सेक्टर में संचालित ‘मिशन ग्रीन कमांडो’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि दुर्गम एवं वनांचल क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य अमले का समर्पण, प्रशासन की बेहतर कार्ययोजना और जनसहभागिता इस संकल्प को साकार कर रही है। उन्होंने अभियान में शामिल सभी स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वालंटियर्स एवं जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अभियान सिद्ध करता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वित प्रयासों से सबसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती हैं।

बड़वानी जिले के पाटी विकासखंड का बोकराटा सेक्टर प्रदेश के सबसे दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में से एक है। यहां अनेक फालिया एवं बस्तियां पहाड़ियों की ऊंचाइयों पर स्थित हैं, जहां तक पहुंचने के लिए वाहन नहीं, बल्कि पैदल सफर ही एकमात्र विकल्प है। ऐसे कठिन भौगोलिक क्षेत्र में गुरुवार को संचालित ‘मिशन ग्रीन कमांडो’ ने यह साबित किया कि जब लक्ष्य सेवा का हो तो पहाड़ भी रास्ता बन जाते हैं। स्वास्थ्य टीमों ने कई किलोमीटर पैदल चलकर घर-घर दस्तक दी और यह भरोसा मजबूत किया कि शासन की स्वास्थ्य सेवाएं हर जरूरतमंद तक पहुंचेंगी।

आकांक्षी विकासखंड पाटी : सेवा और सुशासन का नया मॉडल

देश के आकांक्षी विकासखंड (एस्पिरेशनल ब्लॉक) पाटी में संचालित यह विशेष अभियान स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक अभिनव पहल है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से यह अभियान सेवा, सुशासन और जनसहभागिता का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है।

कलेक्टर  सिंह के मार्गदर्शन में हुई विस्तृत माइक्रो प्लानिंग

कलेक्टर बड़वानी  जयति सिंह के मार्गदर्शन एवं सतत मॉनिटरिंग में अभियान की विस्तृत माइक्रो प्लानिंग तैयार की गई। स्वास्थ्य, राजस्व एवं पंचायत विभाग सहित विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर प्रत्येक टीम की जिम्मेदारी तय की गई। दुर्गम क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परिवहन, मानव संसाधन, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की गई, जिससे अभियान का सफल संचालन संभव हो सका।

200 संयुक्त टीमों ने 9 ग्राम पंचायतों के ढाई हज़ार घरों में दी दस्तक

अभियान के अंतर्गत लगभग 200 संयुक्त टीमों को मैदानी स्तर पर तैनात किया गया। प्रत्येक टीम में नोडल अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), आशा, एएनएम, आशा कार्यकताओं एवं वालंटियर्स शामिल थे। इन टीमों ने 9 ग्राम पंचायतों के लगभग 2,500 घरों तक पहुंचकर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं।

अभियान में प्रदान की गयीं समग्र स्वास्थ्य सेवाएं

अभियान के दौरान सभी पात्र बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण पर विशेष बल दिया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं का पंजीयन एवं प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) की गई। सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग, गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों (सैम एवं एमएएम) तथा गंभीर रूप से कम वजन (एसयूडब्ल्यू) वाले बच्चों की पहचान की गई। इसके अतिरिक्त 4D (चार प्राथमिकता वाले हितग्राही समूह—गर्भवती महिलाएं, पांच वर्ष तक के बच्चे, किशोर-किशोरियां एवं वरिष्ठ नागरिक) की पहचान भी की गई, ताकि इन वर्गों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं, उपचार एवं फॉलोअप उपलब्ध कराया जा सके। मौसमी बीमारियों की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को मेडिसिन किट एवं ओआरएस पैकेट वितरित किए गए। साथ ही स्वच्छता, पोषण, सुरक्षित मातृत्व, टीकाकरण एवं मौसमी बीमारियों से बचाव के संबंध में स्वास्थ्य जागरूकता भी प्रदान की गई।

जहां वाहन रुके, वहां से पैदल आगे बढ़ीं स्वास्थ्य टीमें

दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य दलों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 10 बसों एवं लगभग 100 शासकीय वाहनों की व्यवस्था की गई। अंतिम मोटर योग्य मार्ग तक स्वास्थ्य टीमों को पहुंचाने में सरपंचों, सचिवों, पटवारियों, वालंटियर्स एवं स्थानीय ग्रामीणों ने मोटरसाइकिल सहित स्थानीय परिवहन साधनों की व्यवस्था कर महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इसके बाद स्वास्थ्य दलों ने कई किलोमीटर पैदल चलकर दूरस्थ फालियों एवं बस्तियों तक पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं।

सेवा, समर्पण और जनसहभागिता का प्रेरक उदाहरण

‘मिशन ग्रीन कमांडो’ केवल एक स्वास्थ्य अभियान नहीं, बल्कि यह विश्वास का अभियान है। इस पहल ने दिखाया कि प्रशासन की सुनियोजित रणनीति, स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता, वालंटियर्स का उत्साह और स्थानीय समुदाय का सहयोग मिलकर कठिन से कठिन भौगोलिक चुनौतियों को भी पार कर सकता है।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments