Wednesday, June 24, 2026
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ब्रिटेन में सत्ता परिवर्तन तय! कीर स्टार्मर ने इस्तीफे का ऐलान किया, पार्टी नेतृत्व भी छोड़ेंगे

लंदन
 ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्‍टार्मर ने अपनी लेबर पार्टी के कई सांसदों के महीनों से चले आ रहे दबाव के बाद अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है। नए नेता का चुनाव होने तक वह अपने पद पर बने रहेंगे। अब लेबर पार्टी में एक बार फिर से नए नेता के चुनाव के लिए दौड़ शुरू हो गई है। कीर ने इस्‍तीफा देने के बाद दिए अपने भाषण में कहा कि उनके लिए देश पहले है। पिछले 1 दशक में 7वें नेता अब ब्रिटेन के पीएम बनेंगे। इससे पहले ऋषि सुनक ने अपने पद से इस्‍तीफा दिया था।

कीर स्‍टार्मर जब इस्‍तीफा देने के लिए अपने आधिकारिक आवास 10 डाउनिंग स्‍ट्रीट से निकले तो लोगों ने उनका जोरदार स्‍वागत किया। उन्‍होंने पीएम बनने को अपने जीवन लिए सबसे गर्व का क्षण बताया था। कीर ने कहा कि वह करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने के लिए राजनीति में आए थे। उन्‍होंने लेबर पार्टी की साल 2024 की शानदार जीत को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया।

कीर स्टार्मर ने क्या ऐलान किया?
देश के नाम अपने संबोधन के आखिर में कीर स्टार्मर की आवाज भावुक होकर भर्रा गई. स्टारमर ने कहा, "अब मेरी पार्टी यह सवाल पूछ रही है कि क्या मैं अगले आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सबसे सही व्यक्ति हूं. मैंने इस सवाल पर अपनी संसदीय पार्टी का जवाब सुन लिया है और मैं उस जवाब को सम्मान के साथ स्वीकार करता हूं। 

फिर कीर स्टार्मर ने कहा है कि वे सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे रहे हैं. स्टार्मर ने कहा कि अगले कुछ हफ्तों में नया लेबर नेता चुने जाने तक वे कार्यवाहक (केयरटेकर) प्रधानमंत्री के रूप में काम करते रहेंगे। 

ब्रिटेन के राजा को दी इस्‍तीफे की जानकारी
कीर स्‍टार्मर ने प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के लीडर दोनों ही पद से इस्‍तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनका पीएम पद का 2 साल का कार्यकाल खत्‍म हो गया है। उन्‍होंने कहा कि मैंने उन्‍होंने आज सुबह ही राजा से मुलाकात की है और उनको इस इस्‍तीफे के बारे में बताया है। उन्‍होंने कहा कि लेबर पार्टी की कार्यकारी समिति की बैठक होगी और 9 जुलाई से नामांकन होने लगेगा।

कीर स्‍टार्मर ने कहा कि जो कोई भी अगला पीएम बनेगा, उसे उनका पूरा समर्थन रहेगा। साथ ही वह एक सामान्‍य तरीके से सत्‍ता के हस्‍तातंरण में पूरी मदद करेंगे। कीर ने कहा कि मैंने जो कोई भी फैसला लिया, उसे देश को ध्‍यान में रखकर लिया जिसे मैं प्‍यार करता हूं। उन्‍होंने कहा कि देश की अर्थव्‍यवस्‍था अब तेजी से विकास कर रही है और मजदूरी भी बढ़ी है। यह महंगाई से ज्‍यादा है।

17 जुलाई तक ब्रिटेन को नया प्रधानमंत्री मिलेगा
स्टार्मर ने कहा कि लेबर पार्टी जुलाई के मध्य तक अपना नया नेता चुन लेगी। नए नेता और प्रधानमंत्री के चुने जाने तक वह अपने पद पर बने रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने उत्तराधिकारी को पूरा सहयोग देंगे।

स्टार्मर ने बताया कि उन्होंने सोमवार सुबह ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III को अपने फैसले की जानकारी दे दी। अब लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) नए नेता के चुनाव का कार्यक्रम तय करेगी।

इसके तहत 9 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 17 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले नए नेता का चुनाव पूरा करने की कोशिश की जाएगी।

ब्रिटेन में जनता सीधे प्रधानमंत्री नहीं चुनती। लोग अपने-अपने क्षेत्र से सांसद चुनते हैं। जिस पार्टी के पास संसद में बहुमत होता है, उसी पार्टी का नेता प्रधानमंत्री बनता है।

अभी लेबर पार्टी की सरकार है। इसलिए जो व्यक्ति लेबर पार्टी का नया नेता बनेगा, वही प्रधानमंत्री बनने का सबसे बड़ा दावेदार होगा। इसके लिए पूरे देश में आम चुनाव कराने की जरूरत नहीं होती।

लेबर पार्टी में एंडी बर्नहैम सबसे आगे
ब्रिटेन की राजनीति में काफी लोकप्रिय चेहरा माने जाते हैं। उन्हें पार्टी के लेफ्ट और सेंट्रिस्ट दोनों गुटों का समर्थन हासिल है। बर्नहैम पहले स्वास्थ्य मंत्री समेत कई अहम सरकारी पद संभाल चुके हैं।

कोविड महामारी के दौरान उन्होंने मैनचेस्टर के लिए केंद्र सरकार से खुलकर टक्कर ली थी। उस समय उनकी छवि आम लोगों के हितों के लिए लड़ने वाले नेता की बनी, जिससे उनकी लोकप्रियता बढ़ी।

मेकरफील्ड उपचुनाव में जीत के बाद एंडी बर्नहैम की स्थिति और मजबूत हुई है। कई राजनीतिक जानकार मानते हैं कि वह स्टार्मर की जगह लेने के सबसे बड़े दावेदार हैं।

हालांकि अभी तक किसी उम्मीदवार ने आधिकारिक तौर पर अपनी दावेदारी पेश नहीं की है। पार्टी के दूसरे नेता भी मैदान में उतर सकते हैं। ऐसे में नेतृत्व का चुनाव मुकाबले वाला भी हो सकता है।

लेबर पार्टी के सांसदों और कार्यकर्ताओं का रुख भी काफी अहम रहेगा। अगर बड़ी संख्या में नेता और सांसद बर्नहैम के समर्थन में आ जाते हैं, तो उन्हें बिना ज्यादा मुकाबले के नेता चुना जा सकता है।

कीर स्टार्मर को क्यों छोड़नी पड़ी कुर्सी
कीर स्टार्मर पर पिछले कुछ दिनों में लगातार दबाव तेजी से बढ़ गया था कि वे लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दें, ताकि एंडी बर्नहम नए ब्रिटिश प्रधानमंत्री बन सकें. पिछले हफ्ते उत्तरी इंग्लैंड के मेकरफील्ड उपचुनाव में एंडी बर्नहम ने दक्षिणपंथी प्रतिद्वंदी को हराकर बड़ी जीत हासिल की थी. इस जीत के बाद प्रधानमंत्री पद के लिए उनका दावा और मजबूत हो गया था. अब उनको ही सत्ताधारी लेबर पार्टी का अगला नेता और ब्रिटेन का नया पीएम माना जा रहा है। 

जुलाई 2024 के आम चुनाव में कीर स्टार्मर ने 174 सीटों के बड़े बहुमत के साथ शानदार जीत हासिल की थी. लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल पर कई विवाद छाए रहे हैं. इनमें लेबर पार्टी के सीनियर नेता पीटर मेंडलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाना भी शामिल है, जबकि उनके दोषी यौन अपराधी जेफरी एप्सटीन से संबंधों की जानकारी पहले से थी। 

इसके अलावा टैक्स और सामाजिक कल्याण योजनाओं (सोशल बेनिफिट्स) को लेकर सरकार के कुछ फैसलों और बाद में उन्हें बदलने (यू-टर्न लेने) से भी उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है. दूसरी तरफ, एंडी बर्नहम पहले कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. बाद में उन्होंने ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई. उपचुनाव जीतने के बाद उन्होंने कहा कि यह जीत लेबर पार्टी के लिए "बदलाव का आखिरी मौका" है. उन्होंने वादा किया कि वे "ब्रिटेन के लिए एक नया रास्ता पेश करेंगे। 

उन्होंने "ट्रिकल-डाउन इकोनॉमिक्स" को खत्म करने की भी मांग की. उनका कहना uw कि इस आर्थिक नीति का फायदा आम लोगों तक लगभग पहुंचा ही नहीं। 

एंडी बर्नहाम ने कीर को दी चुनौती
कीर स्‍टार्मर चाहे जो भी दावा करें लेकिन पिछले कई महीने से वह लेबर पार्टी के दबाव में चल रहे थे। वह कई विवादों में घिरे और उनको जनता को समर्थर भी कम होता जा रहा था। लेबर पार्टी के अंदर और बाहर मौजूद आलोचकों का कहना है कि कीर सरकार लोगों के जीवन में सुधार के चुनावी वादे को पूरा करने में फेल साबित हुई है। कीर पर तब दबाव ज्‍यादा बढ़ गया जब उनके लेबर पार्टी के विरोधी एंडी बर्नहाम ने एक संसदीय सीट जीत ली। इसके साथ ही वह कीर को औपचारिक रूप से चुनौती देने की स्थिति में आ गए।

 

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