Thursday, September 10, 2026
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कांग्रेस में बदलाव तय! डीके शिवकुमार संभालेंगे कर्नाटक की कमान, आज होगा सत्ता हस्तांतरण

बेंगलुरु

 कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. सीएम सिद्धारमैया ने मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में यह ऐलान किया। सिद्धारमैया ने राज्यपाल से मुलाकात के लिए तीन बजे का समय मांगा है. सिद्धारमैया तीन बजे लोकभवन पहुंचकर सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंपेंगे. लेकिन इस बीच एक नया ट्विस्ट आ गया है. राज्यपाल बेंगलुरु में मौजूद ही नहीं हैं. ऐसे में सिद्धारमैया अपना इस्तीफा राज्यपाल के प्राइवेट सेक्रेटरी को सौंपेंगे।

डीके शिवकुमार होंगे कर्नाटक के सीएम, सिद्धारमैया ने प्रस्तावित किया नाम
कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार की विदाई का वक्त तय हो गया है. सिद्धारमैया शाम तीन बजे लोकभवन पहुंचकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे. सिद्धारमैया ने इस्तीफे से पहले अगले मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा है. डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

सिद्धारमैया ने सहयोगियों का किया धन्यवाद
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है. सीएम सिद्धारमैया ने सभी मंत्रियों का सहयोग के लिए धन्यवाद किया और सूबे की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चर्चा की. सीएम ने सहयोगियों को बताया कि पिछले तीन वर्षों में उनकी अगुवाई वाली सरकार ने क्या-क्या किया, कांग्रेस की चुनावी गारंटियां पूरी करने के लिए योजनाएं किस तरह से लागू कीं और सामने आई चुनौतियों से किस तरह पार पाया।

डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया मिले गले
इससे पहले, बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने आधिकारिक आवास पर अपने कैबिनेट सहयोगियों के लिए नाश्ते की मेजबानी की। इस बैठक में डी.के. शिवकुमार सहित कई अन्य मंत्री शामिल हुए। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई तस्वीरों में सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच की दूरियां मिटती दिखीं। एक तस्वीर में सिद्धारमैया शिवकुमार को गले लगाते नजर आ रहे हैं, जबकि एक अन्य तस्वीर में भावी मुख्यमंत्री माने जा रहे शिवकुमार, सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी बैठक के दौरान सिद्धारमैया ने शिवकुमार के लिए रास्ता साफ करने और अपने इस्तीफे की घोषणा करने की योजना बनाई थी।

कांग्रेस हाईकमान का निर्देश और राहुल गांधी की भूमिका
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए अपना पद छोड़ने को कहा है। पार्टी ने 77 वर्षीय दिग्गज नेता सिद्धारमैया को राज्यसभा सीट के साथ दिल्ली में कोई अहम भूमिका देने की पेशकश की है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने इस प्रस्ताव को तत्काल स्वीकार नहीं किया है।

राहुल गांधी का संदेश
बताया जा रहा है कि इस्तीफा देने का यह संदेश सीधे राहुल गांधी की ओर से आया है। सिद्धारमैया पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अगर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) उन्हें पद छोड़ने के लिए कहेंगे, तो वह सहर्ष ऐसा करेंगे। इससे पहले मंगलवार को सिद्धारमैया और शिवकुमार को दिल्ली बुलाया गया था। वहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, और महासचिव के.सी. वेणुगोपाल व रणदीप सिंह सुरजेवाला के बीच लगातार अहम बैठकें हुईं।

राज्यपाल की अनुपस्थिति से इस्तीफे में देरी
तय कार्यक्रम के अनुसार, सिद्धारमैया को बृहस्पतिवार को ही राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपना था। उन्होंने इसके लिए राजभवन से समय भी मांगा था। हालांकि, राजभवन के सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल व्यक्तिगत कारणों से इंदौर गए हुए हैं और फिलहाल शहर में नहीं हैं।

 शाम तीन बजे लोकभवन जाएंगे सिद्धारमैया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया शाम तीन बजे लोकभवन जाएंगे. सीएम सिद्धारमैया लोकभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे. राज्यपाल बेंगलुरु में नहीं हैं, ऐसे में वह अपना इस्तीफा राजभवन सचिवालय को सौंपेंगे. गौरतलब है कि राज्यपाल रात के 10.30 बजे निकल गए थे।

कर्नाटक के प्रभारी एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मीडिया से अटकलें न लगाने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है और न ही कोई अंतिम निर्णय लिया गया है। आमतौर पर विधायक दल ही अपने नेता (मुख्यमंत्री) का चुनाव करता है।

समर्थकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं (जश्न और विरोध)
इस संभावित बदलाव को लेकर राज्य में सियासी पारा काफी चढ़ गया है और दोनों नेताओं के समर्थकों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। डी.के. शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने की पक्की होती खबरों के बीच बेंगलुरु और रामनगर सहित राज्य के कई हिस्सों में उनके समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। वहीं मुख्यमंत्री के पद छोड़ने की अटकलों के बीच उनके समर्थक भारी संख्या में उनके आधिकारिक आवास के बाहर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन किया।

पिछड़ा वर्ग महासंघ की चेतावनी
कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग समुदाय महासंघ ने कांग्रेस और हाईकमान को चेतावनी दी है कि यदि सिद्धारमैया को हटाया गया तो पार्टी को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। महासंघ का तर्क है कि कांग्रेस सत्ता में 'अहिंदा' (AHINDA – अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित समुदायों का कन्नड़ संक्षिप्त नाम) के समर्थन से आई है और पार्टी में सिद्धारमैया के कद का कोई दूसरा नेता नहीं है।

क्या है 'रोटेशनल सीएम' फॉर्मूला?
मई 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की भारी जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया और प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार के बीच कड़ी टक्कर थी। उस समय पार्टी ने शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाकर विवाद सुलझाया था। उस दौरान ऐसी खबरें थीं कि दोनों नेताओं के बीच 'रोटेशनल चीफ मिनिस्टर' (ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री रहने) के फॉर्मूले पर समझौता हुआ है। 20 नवंबर 2025 को कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा (ढाई साल) समय पूरा कर लिया था, जिसके बाद से ही इस नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। हालांकि, पार्टी ने कभी इस फॉर्मूले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी।

 
गवर्नर राज्य में नहीं फिर भी इस्तीफा दे सकते सिद्धारमैया, जानिए ऑप्शन
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पद से इस्तीफा देने वाले हैं और राज्यपाल बेंगलुरु से बाहर हैं. ऐसे में प्रक्रिया और संविधान के प्रावधान क्या कहते हैं?

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