Monday, July 27, 2026
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फर्जी बिल और जीएसटी चोरी के आरोप में दवा कारोबारियों पर कार्रवाई

 लखनऊ
 अमीनाबाद में नकली दवाओं के कारोबार के बड़े सिंडिकेट का राजफाश हुआ। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के औषधि निरीक्षक ने जांच के बाद पांच के खिलाफ कैसरबाग थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

आरोप है कि रद्द हो चुके औषधि लाइसेंस का इस्तेमाल कर फर्जी बिल तैयार किए गए, नामी कंपनियों की नकली दवाओं की बिक्री की गई और जीएसटी चोरी के लिए डिजिटल रिकार्ड तक मिटा दिए गए।

जाइडस हेल्थकेयर लिमिटेड की शिकायत में अमीनाबाद स्थित शिव शक्ति मेडिकल से क्लाप-जी क्रीम के संदिग्ध बैच की आपूर्ति की जानकारी दी गई। 10 सितंबर 2025 को औषधि निरीक्षक दुकान पहुंचे तो प्रतिष्ठान बंद मिला। सहयोग न मिलने पर दवा के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी गई।

बाद में दोबारा जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलीं तो पांच जनवरी 2026 को फर्म का औषधि विक्रय लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। इसके बावजूद फर्म के नाम से दवाओं की खरीद-बिक्री जारी रही। जुलाई में गाजियाबाद की एक दवा फर्म से ग्लेनमार्क कंपनी की टेल्मा-एएम और टेल्मा-एच ब्रांड की संदिग्ध दवाएं बरामद हुईं। इनकी बिक्री शिव शक्ति मेडिकल के नाम से जारी फर्जी इनवाइस के जरिए सामने आई।

औषधि विभाग ने जीएसटी रिकार्ड, डिजिटल दस्तावेज और आरोपितों के बयानों की पड़ताल की। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य आरोपित कपिल जायसवाल ने स्वीकार किया कि कर्ज के बदले उसका रद्द लाइसेंस, जीएसटी नंबर और मार्ग साफ्टवेयर की आइडी-पासवर्ड दूसरे लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाते रहे।

इसके एवज में उसे तीन से आठ प्रतिशत तक नकद कमीशन मिलता था। फर्जी बिल के बदले 50 हजार भी मांगे गए। विद्या फार्म के लैपटाप में टेल्मा दवाओं के रिकार्ड के साथ उनकी बैच हिस्ट्री डिलीट किए जाने के साक्ष्य भी मिले। किसी प्रकार का दवा भंडारण नहीं मिला।

आरएन फार्मा जांच के समय बंद मिली, जिसे साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए सील कर दिया गया। इंस्पेक्टर कैसरबाग अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि औषधि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर सभी प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

फर्जी सेल्स इनवाइस पर काम
औषधि निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, अमीनाबाद की कई दवा फर्मों के जरिए एक संगठित सिंडिकेट फर्जी सेल्स इनवाइस बनाकर नकली और अमानक दवाओं की आपूर्ति कर रहा था। जांच में बिना बिल दवाएं लाने, बंद फर्मों के लाइसेंस और साफ्टवेयर का दुरुपयोग करने तथा जीएसटी चोरी के भी प्रमाण मिलने का दावा है।

इन पर मुकदमा
इंस्पेक्टर कैसरबाग ने बताया कि औषधि विभाग ने कपिल जायसवाल (शिव शक्ति मेडिकल), हरमीत सिंह (मीत एंटरप्राइजेज), प्रियांशु पाल (विद्या फार्म), साहिल जैदी (आरएन फार्मा) और आबिद अली अतहर को आरोपित बनाते हुए बीएनएस की धाराओं 276, 277, 278, 318, 319, 336, 338 और 111 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया

 

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