पटना
बिहार में 21000 आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती होगी। इनमें 14 हजार 409 आशा कार्यकर्ताओं की ग्रामीण और 7289 की शहरी क्षेत्रों के लिए भर्ती होगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को इसका निर्देश जारी किया है। साथ ही सभी जिलों को आशा कार्यकर्ताओं की रिक्तियां भी भेज दी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में जिलों को भेजे पत्र में कहा है कि आशा कार्यकर्ताओं की बहाली की प्रक्रिया काफी धीमी है। विभाग की समीक्षा में यह बात सामने आई है। विभाग ने दो महीने के अंदर सभी जिलों को आशा की बहाली करने का निर्देश दिया है। आमतौर पर आशा वर्कर्स की भर्ती के लिए 10वीं पास की पात्रता रखी जाती है।
मुजफ्फरपुर में 264 ग्रामीण, 247 शहरी आशा की बहाली
मुजफ्फरपुर जिले में 264 ग्रामीण और 247 शहरी आशा कार्यकर्ताओं की बहाली होगी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी 5314 आशा कार्यकर्ताओं की जरूरत है, जिनमें 4275 काम कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 1039 आशा कार्यकर्ताओं का चयन किया जा चुका है। शहरी क्षेत्र में 247 आशा कार्यकर्ताओं की बहाली होगी। अभी शहरी क्षेत्र में 303 आशा काम कर रही हैं और 56 का ही चयन किया गया है। गौरतलब है कि पूरे बिहार में अभी 98 हजार 598 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं।
नगर निकाय की पर्यवेक्षक अब शहरी कही जाएंगी
नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम में बदलने वाले क्षेत्रों में अब शहरी क्षेत्र के हिसाब से आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया कि जो ग्रामीण क्षेत्र नगर पंचायत, नगर निगम और नगर परिषद में बदल गए हैं, वहां पहले से काम करने वाली आशा फैसेलिटेटर अब शहरी आशा फैसेलिटेटर कही जाएंगी।
आशा पर्यवेक्षक की भी होगी बहाली
आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की भी बहाली होगी। इसके लिए रिक्तयां जारी कर दी गई हैं। राज्य में 1104 आशा फैसेलिटेटर की बहाली होनी है। आशा फैसेलिटेटर आशा कार्यकर्ताओं के कामकाज की मॉनिटरिंग कर उसकी रिपोर्ट तैयार करती हैं। मुजफ्फरपुर सहित सभी जिले में आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर की भी बहाली कई महीनों से नहीं हुई है।




