Wednesday, June 24, 2026
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India-US Trade Deal में बड़ी प्रगति, अमेरिकी प्रतिनिधि के भारत दौरे से डील फाइनल होने के संकेत

नई दिल्‍ली

भारत और अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट सामने आया है. फरवरी 2025 में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू होने के बाद अब इस हफ्ते अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर भारत आ रहे हैं. इस दौरान वह क्रेंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अन्‍य सीनियर सिटीजन अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। 

दोनों देश अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत अंतरिम व्यापार समझौते और संयुक्त बयान पर बातचीत करेंगे. साथ ही भारत और अमेरिका के बीच डील को आगे बढ़ाएंगे. 21 जून को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) कार्यालय की ओर से इसकी जानकारी दी गई. साथ ही भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी सोशल मीडिया पोस्‍ट के जरिए इसकी जानकारी दी है। 

भारत और अमेरिका के बीच इस डील पर अपडेट तब आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जी-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई थी. अमेरिका की ओर से कहा गया है कि जेमिसन ग्रीयर का भारत दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 13 फरवरी 2025 को हुई बैठक के बाद, डील को लेकर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए हो रहा है. इस बैठक के तहत डील पर विस्‍तार से आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। 

सर्जियो गोर ने एक्स पोस्ट पर क्या कहा?
सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'नई दिल्ली में राजदूत ग्रीर का स्वागत करने के लिए उत्साहित हूं। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए मंत्री पीयूष गोयल के साथ कई बैठकें निर्धारित हैं।' ग्रीर की पीयूष गोयल के साथ बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के ढांचे को अगले महीने की महत्वपूर्ण टैरिफ समयसीमा से पहले अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।

अंतरिम समझौता भविष्य के लिए अहम
मंत्रिस्तरीय स्तर की यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच चल रही अंतरिम व्यापार समझौते की बातचीत का हिस्सा है। माना जा रहा है कि यह अंतरिम समझौता भविष्य में व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते का रास्ता तैयार करेगा। बीते रविवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि उनके अमेरिकी समकक्ष व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए नई दिल्ली आने वाले हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर बातचीत के लिए मेरे समकक्ष कल दिल्ली आ रहे हैं।'

बीटीए का पहला चरण अगले महीने तक होगा पूरा
इस महीने की शुरुआत में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था कि दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत का मुख्य उद्देश्य ढांचा समझौते को अंतिम रूप देना और व्यापक व्यापार समझौते पर वार्ता को आगे बढ़ाना होगा। पीयूष गोयल ने भी कहा था कि भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते से जुड़े सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया था कि बीटीए का पहला चरण अगले महीने के मध्य तक पूरा किया जा सकता है।

यह वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि अमेरिका की ओर से सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर लगाया गया 10 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ 24 जुलाई को समाप्त होने वाला है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा इस वर्ष की शुरुआत में घोषित यह अस्थायी टैरिफ 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' (एमएफएन) शुल्क दरों के अतिरिक्त लगाया गया था। 150 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद अमेरिका नई टैरिफ व्यवस्था लागू कर सकता है।
 
यह नई मंत्रिस्तरीय बातचीत 2 जून से 4 जून के बीच नई दिल्ली में हुई मुख्य वार्ताकार स्तर की बैठकों के बाद हो रही है। उन बैठकों में भी प्रस्तावित व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई थी।भारत और अमेरिका दोनों आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से चरणबद्ध व्यापार व्यवस्था पर काम कर रहे हैं। साथ ही दोनों देश एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।

और कहां फंसा है पेच?
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कार्यालय ने मार्च में भारत समेत कई देशों के खिलाफ धारा 301 के तहत एकतरफा जांच दो मामलों में शुरू की थी। ये जांच ग्लोबल सप्लाई चेनों में कथित बंधुआ मजदूरी और ‘अत्यधिक उत्पादन क्षमता’ से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। यूएसटीआर ने 2 जून को भारत समेत 54 देशों पर 12.5% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा था। यह टैरिफ बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रहने के आरोप में लगाने की बात कही गई थी। यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है। इस पर हितधारक 22 जून तक सुनवाई में भाग लेने के अनुरोध और बयान जमा कर सकते हैं। यूएसटीआर 7 जुलाई को सुनवाई करेगा। दूसरी जांच की रिपोर्ट अभी पेंडिंग है।

क्‍यों महत्‍वपूर्ण है ये बैठक? 
भारत और अमेरिका एक-दूसरे के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं. कुछ सालों में दोनों देशों के बीच व्यापार का आंकड़ा 190 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है. दोनों सरकारों ने आन वाले सालों में व्‍यापार को और बढ़ाने की इच्‍छा जताई है. इस कारण जेमिसन ग्रीर की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्‍योंक इससे व्‍यापार वार्ता की दिशा का संकेत मिल सकता है। 

अभी तक डील पर क्‍या हुआ है? 
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्‍यापार समझौते का ऐलान किया गया है, लेकिन अभी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्‍यापार समझौते को लेकर बातचीत पूरी नहीं हुई है. इस डील पर दोनों पक्ष लगातार बातचीत कर रहे हैं, जल्‍द ही इस डील पर फाइनल मोहर लग सकती है. वहीं भारत अमेरिका से टैरिफ को और कम करने की मांग रख सकता है, जबकि अमेरिका भारत से एग्री के कुछ प्रोडक्‍ट्स को परमिशन देने की मांग कर रहा है। 

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