Sunday, October 4, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्डचंपारण से सारण तक बाढ़ का कहर, NASA ने सैटेलाइट डेटा से...

चंपारण से सारण तक बाढ़ का कहर, NASA ने सैटेलाइट डेटा से खोली तबाही की पूरी तस्वीर

पटना
बिहार में हाल ही में आई भयावह बाढ़ ने चंपारण से सारण और वैशाली तक जमकर तबाही मचाई। नासा ने सैटेलाइट डेटा से विश्लेषण कर इस घटना को गंभीरता को दिखाया है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में मॉनसून सीजन के अंत में हुई भारी बारिश की वजह से गंडक नदी का जलस्तर उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इससे बिहार में तबाही देखने को मिली। नदी का पानी का फैलाव बढ़ गया, तटंध टूट गए और कई किलोमीटर तक इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए।

नासा की रिपोर्ट में बताया गया कि 24 से 27 सितंबर के बीच नेपाल के लुंबिनी और गंडकी प्रांत के पहाड़ी इलाकों में तूफान के साथ भयंकर बारिश हुई। इससे गंडक नदी में भारी मात्रा में पानी आया। इससे बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं हुईं। इससे नेपाल और भारत दोनों देशों में गंडक (नारायणी) नदी में रिकॉर्ड जलस्तर दर्ज किया गया।

गंडक नदी की तेज धारा से कई तटबंध टूट गए। पानी उनके ऊपर से बहने लगा। इससे सैकड़ों किलोमीटर तक नदी का पानी फैल गया और खेत एवं बस्तियां डूब गईं। बाढ़ और भूस्खलन से सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए और हजारों लोग बेघर हुए।

20 और 29 सितंबर की सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण
रिपोर्ट में कहा गया है कि नासा के वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट इमेज और विभिन्न तकनीकी टूल्स से बाढ़ का विश्लेषण किया। नासा के टेरा और एक्वा सैटेलाइट से ली गई 20 और 29 सितंबर की तस्वीरों का मिलान किया गया। दोनों तस्वीरों में बाढ़ के पानी की पहचान के लिए इंफ्रारेड और विजिबल लाइट का अध्ययन किया गया। बाद वाली तस्वीर में बाढ़ का फैलाव साफ नजर आ रहा है।

1960 के बाद सर्वाधिक पानी
बिहार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने गुरुवार को कहा कि नासा अर्थ ऑब्जर्वेटरी ने 2 अक्टूबर को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट 'रेन्स स्वैंप द गंडक रिवर' में नेपाल और भारत में इसका विस्तार से उल्लेख किया है। नेपाल के देवघाट में 27 सितंबर को गंडक नदी का जलस्तर 11.94 मीटर तक पहुंचने की जानकारी दी गई है, जो 1960 के बाद से अब तक का सर्वाधिक था। इसी तरह भारत में गंडक नदी के किनारे स्थित बगहा, डुमरियाघाट, रेवा घाट और लालगंज जैसे स्थानों पर भी नए उच्चतम जलस्तर दर्ज किए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

असामान्य बारिश से आई तबाही
उन्होंने कहा कि इस बार गंडक नदी में बाढ़ की स्थिति सामान्य मौसमी परिस्थितियों से अलग और बहुत भारी बारिश से उत्पन्न असाधारण जलप्रवाह की वजह से हुई। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश का प्रभाव बिहार में नदी के जलस्तर और पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर जिलों के कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ के रूप में दिखाई दिया।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। वैज्ञानिक एवं उपग्रह आधारित आंकड़ों से प्राप्त सूचनाएं बिहार में बाढ़ की असाधारण स्थिति को समझने और उसके विस्तार का आकलन करने हेतु उपयोगी और मददगार हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments