Friday, September 25, 2026
Google search engine
Homeराज्यमध्य प्रदेशरोज़ाना 1,500 से ज़्यादा ओपीडी मरीज़ों को सेवाएं

रोज़ाना 1,500 से ज़्यादा ओपीडी मरीज़ों को सेवाएं

भोपाल 

पत्र सूचना कार्यालय भोपाल के नेतृत्व में जम्मू पहुंचे पत्रकारों के एक अध्ययन दल ने आज  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), विजयपुर, सांबा का दौरा किया। इस दौरे का मकसद इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान की अधोसंरचना, चिकित्सकीय प्रगति और मरीज़ों पर केंद्रित  नवाचार के बारे में सीधे जानकारी हासिल करना था। मीडिया प्रतिनिधियों के साथ हुई विस्तृत बातचीत के दौरान, एम्स विजयपुर के  निदेशक  प्रो. (डॉ.) संजीव सिन्हा ने अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के बारे में  विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान को 750 बिस्तरों की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। अस्पताल में आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, पूरी तरह से सुसज्जित इमरजेंसी मेडिसिन ब्लॉक और एक इंटीग्रेटेड आयुष (AYUSH) सेंटर  उपलब्ध हैं।

प्रोफेसर सिन्हा ने बताया कि अस्पताल में रोज़ाना 1,000 से 2,000 मरीज़ (औसतन 1,500) आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) में आते हैं। यहाँ न सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोग आते हैं, बल्कि नई दिल्ली से भी  कुछ मरीज़ इलाज के लिए आते हैं। उन्होंने   बताया कि कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी समेत 30 ब्रॉड स्पेशलिटी और 14 सुपर-स्पेशलिटी विभाग पूरी तरह से काम कर रहे हैं। इससे मरीज़ों को बिना कहीं और भेजे, यहीं पर पूरा इलाज मिल जाता है, और ज़रूरत पड़ने पर एम्स नई दिल्ली की स्पेशलाइज़्ड टीमें भी मौके पर आकर मदद करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान ने कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। यह इस इलाके का पहला अस्पताल है जिसे NABH एक्रेडिशन मिला है, साथ ही इसे नागपुर में 'बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर अवॉर्ड' और 'नेशनल पेशेंट सेफ्टी अवॉर्ड' भी मिला है।   जल्द ही एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी के लिए भी मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है।

रिसर्च इकोसिस्टम, कैंसर के इलाज में नई तरक्की और  शैक्षणिक प्रगति पर बात करते हुए, रेडियोथेरेपी और ऑन्कोलॉजी विभाग के हेड, डीन (रिसर्च) और प्रोफेसर, प्रो. (डॉ.) शबाब ललित अंगुराना ने बताया कि ट्रांसलेशनल क्लिनिकल रिसर्च संस्थान का एक अहम आधार है। इसे ऊर्जावान युवा फैकल्टी आगे बढ़ा रही है, जो लगभग 12 हाई-इम्पैक्ट रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।  प्रो. (डॉ.) अंगुराना ने यह भी बताया कि संस्थान फैकल्टी की देखरेख में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के सहयोग से लगभग 23 शॉर्ट-टर्म रिसर्च प्रोजेक्ट्स के ज़रिए छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा दे रहा है। भविष्य में इलाज की क्षमताओं के बारे में उन्होंने बताया कि जल्द ही  न्यूक्लियर मेडिसिन सुविधा शुरू की जाएगी। इसमें अत्याधुनिक PET-CT स्कैन इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, जिससे आने वाले सालों में डायग्नोस्टिक और कैंसर-केयर सेवाओं को काफी बेहतर बनाया जा सकेगा।

अध्ययन दल को स्मार्ट हॉस्पिटल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें इंटेलिजेंट पेशेंट नेविगेशन कियोस्क शामिल हैं जो अभी तीन भाषाओं को सपोर्ट करते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments