Sunday, September 6, 2026
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Power Generating Company की बड़ी उपलब्धि, पहली बार सफल रही ‘Black Start Mock Drill’

पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने पहली बार सफलतापूर्वक किया ‘ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल’

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह और इंदिरा सागर जल विद्युत परियोजना का संयुक्त अभ्यास
ब्लैकआउट के बाद बिजली बहाली की क्षमता को परखा 

भोपाल 

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने अपने इतिहास में पहली बार ‘ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी और इंदिरा सागर जल विद्युत गृह परियोजना, खंडवा के संयुक्त अभ्यास में संभावित पूर्ण अथवा आंशिक ब्लैकआउट के बाद विद्युत उत्पादन प्रणाली को सुरक्षित एवं चरणबद्ध तरीके से पुनः संचालित करने की तैयारियों का परीक्षण किया गया।

यह महत्वपूर्ण तकनीकी अभ्यास भारतीय विद्युत ग्रिड संहिता (IEGC)-2023 के प्रावधानों के अनुरूप आयोजित किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन स्थिति में विद्युत ग्रिड के पुनर्बहाली तंत्र, विभिन्न संस्थानों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था तथा निर्धारित पुनर्स्थापना प्रक्रिया की व्यावहारिक जांच की गई।

इंदिरा सागर से सतपुड़ा ताप विद्युत गृह को दी गई बिजली

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में आयोजित यह मॉक ड्रिल प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 1:51 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित की गई। अभ्यास के दौरान आयलैंडिंग व्यवस्था के माध्यम से इंदिरा सागर जल विद्युत गृह से विद्युत आपूर्ति लेकर MPPGCL के 500 मेगावाट (2×250 मेगावाट) क्षमता वाले सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की आपातकालीन स्टार्ट-अप क्षमता का परीक्षण किया गया।

इस दौरान 400 केवी प्रणाली को चार्ज करने, स्टेशन ट्रांसफॉर्मर को ऊर्जीकृत करने तथा आवश्यक सहायक विद्युत प्रणालियों को निर्धारित क्रम में बहाल करने की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। पूरे अभ्यास के दौरान विद्युत प्रणाली के प्रमुख तकनीकी मानकों की सतत निगरानी की गई। मॉक ड्रिल निर्धारित समय-सीमा और तकनीकी मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक पूरी हुई।

क्या है ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल

ब्लैक स्टार्ट ऐसी विशेष प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से पूर्ण या आंशिक ब्लैकआउट की स्थिति में विद्युत उत्पादन केंद्र को बाहरी ग्रिड आपूर्ति उपलब्ध न होने पर भी चरणबद्ध तरीके से पुनः प्रारंभ किया जाता है। इसके लिए स्व-प्रारंभ क्षमता वाले विद्युत स्रोतों की सहायता से पहले आवश्यक सहायक प्रणालियों को ऊर्जा उपलब्ध कराई जाती है और इसके बाद क्रमशः बड़ी उत्पादन इकाइयों को चालू किया जाता है।

इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपातकालीन स्थिति में विद्युत उत्पादन केंद्रों, लोड डिस्पैच केंद्रों और अन्य संबद्ध एजेंसियों के बीच समन्वय, संचार तथा ग्रिड पुनर्बहाली क्षमता का परीक्षण करना है।

ग्रिड पुनर्बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास में पहली बार आयोजित इस ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल की सफलता को कंपनी की परिचालन एवं तकनीकी तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अभ्यास से आपात स्थिति में विभिन्न तकनीकी टीमों के बीच समन्वय और विद्युत आपूर्ति की चरणबद्ध बहाली की क्षमता का प्रभावी परीक्षण हुआ।

मॉक ड्रिल में स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC), इंदिरा सागर जल विद्युत गृह परियोजना तथा सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के अभियंताओं और तकनीकी कार्मिकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर विद्युत गृह प्रमुख मुख्य अभियंता एस.के. लिल्हौरे, अधीक्षण अभियंता यशवंत वराठे सहित अन्य अभियंता उपस्थित थे।

 

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