Friday, August 14, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबचंडीगढ़ में शुरू हुआ डिजिटल राशन सिस्टम, QR कोड स्कैन कर खरीद...

चंडीगढ़ में शुरू हुआ डिजिटल राशन सिस्टम, QR कोड स्कैन कर खरीद सकेंगे अनाज

चंडीगढ़.

स्मार्टसिटी में अब राशन डिजिटल रुपये से मिलेगा। यह व्यवस्था स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले यानी शुक्रवार से शुरू हो गई है। चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली देश के पहले केंद्र शासित प्रदेश हैं जहां प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के सभी पात्र लाभार्थियों के लिए इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया जा रहा है।

अब पात्र लाभार्थियों को सब्सिडी सामान्य बैंक खाते में भेजने के बजाय भारतीय रिजर्व बैंक की डिजिटल मुद्रा डिजिटल रुपया (e₹) के रूप में सीबीडीसी वॉलेट में मिलेगी। इस राशि का उपयोग निर्धारित खाद्य सामग्री खरीदने के लिए किया जा सकेगा। नई व्यवस्था का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।  सीबीडीसी आधारित व्यवस्था इसी दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सामान्य डीबीटी में राशि खाते में पहुंच जाती है, लेकिन उसका उपयोग किस काम में हुआ, यह सुनिश्चित करना चुनौती हो सकती है। सीबीडीसी की खासियत यह है कि खाद्य सब्सिडी की राशि को उसी उद्देश्य के लिए प्रोग्राम किया जा सकता है जिसके लिए वह दी गई है।

लाभार्थी इससे राशन के अलावा कोई दूसरी वस्तु नहीं खरीद सकेगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में लाभार्थियों को केवल गेहूं और चावल तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि दाल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री खरीदने का विकल्प भी दिया गया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि आज की पहल दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में से एक के डिजिटल रूपांतरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जनधन खाता, आधार और मोबाइल यानी ‘जन-धन त्रिमूर्ति’ ने डिजिटल वित्तीय समावेशन की मजबूत नींव रखी। देश में 69 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले जा चुके हैं और यूपीआई के बाद अब सीबीडीसी आधारित डीबीटी इस यात्रा का अगला चरण है।

500 एम्पैनल दुकानों को जोड़ा 
जोशी ने बताया कि चंडीगढ़ में करीब 500 एम्पैनल दुकानों को इस व्यवस्था से जोड़ा गया है। लाभार्थी डिजिटल वॉलेट में मिली राशि का उपयोग क्यूआर कोड स्कैन कर निर्धारित दुकानों से राशन खरीदने में कर सकेंगे। जोशी ने कहा कि इस व्यवस्था से हर लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा और सरकारी धन के उपयोग की निगरानी बेहतर होगी।

उन्होंने बताया कि पुडुचेरी में किए गए पायलट के दौरान लाभार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फीचर फोन पर भी सीबीडीसी वॉलेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का लक्ष्य गरीब को सुविधा देना है, न कि उसे बाहर करना। उन्होंने ‘हर दाना, हर रुपया और हर अधिकार केवल अर्ह व्यक्ति को मिले’ को सरकार की सोच बताया। जोशी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ राशन की गुणवत्ता की निगरानी भी जरूरी है। इसके लिए एआई आधारित व्यवस्था से हर महीने करीब 20 लाख लाभार्थियों से फोन पर संपर्क कर पूछा जा रहा है कि उन्हें राशन मिला या नहीं, पांच किलो प्रति व्यक्ति की मात्रा मिल रही है या नहीं और गुणवत्ता कैसी है। शिकायत मिलने पर उसे संबंधित राज्य विभाग तक भेजकर समाधान की निगरानी की जाती है।

उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में 99,422 लाभार्थियों को डिजिटल व्यवस्था में आने के लिए सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि जो लाभार्थी इस व्यवस्था से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें शामिल किया जाएगा। जोशी ने सीबीडीसी को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग बताते हुए इसे भविष्य में देश के अन्य हिस्सों में विस्तार देने की बात कही। उन्होंने बताया कि करीब 550 व्यापारी प्रतिष्ठानों को इस व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे लाभार्थियों को अधिक विकल्प मिलने के साथ दुकानदारों का ग्राहक आधार और आय भी बढ़ सकती है। 

11 हजार लाभार्थियों को हटाया गया
पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ में करीब 85 हजार राशन कार्डों के डोर-टू-डोर सत्यापन में करीब 11 हजार लाभार्थी मिसिंग पाए गए, जिन्हें हटाया गया, जबकि करीब 10 हजार मामलों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए लंबित रखा गया है। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्ति यदि किसी कारण से योजना से वंचित रह गया है तो वह दस्तावेज लेकर संबंधित कार्यालय में अपना नाम जुड़वा सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments