Saturday, August 8, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबपंजाब में नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम तेज, 39 हजार जनसभाओं...

पंजाब में नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम तेज, 39 हजार जनसभाओं ने अभियान को बनाया जन आंदोलन

चंडीगढ़.

पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' मुहिम अब केवल तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं रही है। पंजाब पुलिस ने लोगों को सीधे इस अभियान से जोड़ने के लिए गांवों, शहरों और शिक्षण संस्थानों में बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया है।

एक मार्च 2025 से पांच अगस्त 2026 तक राज्यभर में 39,236 पुलिस-जन बैठकें आयोजित की गई हैं। पुलिस का दावा है कि इन बैठकों के जरिए नशे के खिलाफ अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में मदद मिली है। जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक 25,328 बैठकें विलेज डिफेंस कमेटियों और वार्ड डिफेंस कमेटियों के सदस्यों के साथ हुई हैं। इन बैठकों में लोगों को अपने क्षेत्र में नशा तस्करी की सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंचाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और नशा पीड़ितों को नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। राज्य में इस समय करीब 13 हजार विलेज डिफेंस कमेटियां सक्रिय हैं, जिनमें लगभग 1.25 लाख स्वयंसेवक शामिल हैं। इनमें गांवों के बुजुर्ग, सेवानिवृत्त सैनिक, पूर्व पुलिस कर्मी, शिक्षक और अन्य सम्मानित नागरिक शामिल हैं।

युवाओं के साथ हुई 10 हजार से अधिक बैठकें
युवाओं को नशे से बचाने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस ने स्कूलों, कालेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में 10,605 जागरूकता बैठकें भी आयोजित की हैं। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और गलत संगत से बचने के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही किसी भी संदिग्ध नशा गतिविधि की सूचना पुलिस को देने के लिए भी प्रेरित किया गया। इसके अलावा युवाओं पर विशेष फोकस करते हुए 3,303 संपर्क बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रबुद्ध लोगों ने युवाओं से सीधा संवाद कर नशे को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने, नशा मुक्ति, उपचार और पुनर्वास की सुविधाओं की जानकारी दी।

समाज के हर वर्ग भी बराबर भागेदारी जरूरी
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने या तस्करों की गिरफ्तारी से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज के हर वर्ग की बराबर भागीदारी जरूरी है। पंजाब पुलिस संगठित नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, लेकिन स्थायी सफलता तभी मिलेगी जब आम लोग भी जागरूक होकर इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बढ़ता विश्वास लोगों को नशे से जुड़ी सूचनाएं साझा करने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। 

हर वार्ड तक पहुंची नशा विरोधी मुहिम
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, नीलाभ किशोर ने कहा कि पंजाब पुलिस ने इस अभियान को कक्षाओं से लेकर गांवों और शहरी वार्डों तक पहुंचा दिया है। हर दिन पांच जिलों में बड़े स्तर पर पुलिस-जन बैठकें आयोजित की जा रही हैं। बड़ी बैठकों की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी करते हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर थाना प्रभारी लोगों से संवाद करते हैं। कई स्थानों पर लोगों की भारी भागीदारी के कारण बैंक्वेट हाल और बड़े सामुदायिक भवनों में कार्यक्रम आयोजित करने पड़ रहे हैं। पंजाब पुलिस का मानना है कि कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता और सामाजिक भागीदारी ही नशे के खिलाफ इस अभियान को स्थायी सफलता दिला सकती है। इसी रणनीति के तहत गांव-गांव और हर वार्ड तक पहुंच बनाकर लोगों को इस लड़ाई का सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments