हांसी
प्रदेश के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि चानौत गांव की पेयजल समस्या के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री और धरना कमेटी की बैठक सकारात्मक रही है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने गांव की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए भाखड़ा नहर से चानौत तक अलग पाइपलाइन बिछाकर पर्याप्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
साथ ही गांव के विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा करते हुए संबंधित अधिकारियों को राशि जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पीडब्ल्यूडी के विश्रामगृह में प्रेसवार्ता में कैबिनेट मंत्री गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने धरना कमेटी की सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि गांव में अन्य विकास कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे और किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बैठक में पेयजल समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई।
चनौत गांव को मिलेगा स्वच्छ पेयजल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता चानौत गांव को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से अलग पाइपलाइन बिछाने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि हांसी शहर के लिए अमृत-2 योजना के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइन से टी-कनेक्शन देकर गांव को पानी देना नियमों के अनुरूप नहीं है।
सीएम ने दिए ये प्रमुख आश्वासन
चानौत तक अलग पाइपलाइन बिछाकर स्वच्छ पेयजल दिया जाएगा।
गांव के विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये की घोषणा।
अधिकारियों को राशि जारी करने के मौके पर ही निर्देश।
गांव के अन्य विकास कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे।
पेयजल समस्या का स्थायी समाधान सरकार की प्राथमिकता होगी।
अवैध टी-कनेक्शन लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि हांसी शहर के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन में अवैध टी-कनेक्शन लगाने के मामले में कुछ लोगों की पहचान कर ली गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
अभय ने दी चानौतवासियों के लिए आंदोलन की चेतावनी
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने शुक्रवार को हांसी के चानौत गांव के मुद्दे पर कहा कि सरकार पहले से बिछी पाइपलाइन से गांव को पानी देने को तैयार नहीं है।
चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए चौटाला ने दावा किया कि 30 जून तक सफाई पूरी करने की समय सीमा तय थी, लेकिन अब तक करीब 60 प्रतिशत नहरों और ड्रेनों की सफाई नहीं हो सकी है। सरकार ने नहरों से गाद निकलवाने की बजाय अपने चहेतों को बिना लाइसेंस क्रशर चलाने की छूट दे दी। इससे सिरसा, फतेहाबाद और यमुनानगर सहित कई जिलों में बाढ़ की आशंका है।




