Tuesday, August 11, 2026
Google search engine
Homeराज्यदिल्ली17 यात्री घायल, पायलट डोप टेस्ट में फेल; Air India फ्लाइट की...

17 यात्री घायल, पायलट डोप टेस्ट में फेल; Air India फ्लाइट की जांच में कई सवाल

नई दिल्ली
 एयर इंडिया की फ्लाइट (AI 2379) की जांच के बीच कुछ नई जानकारियां सामने आ रही हैं। एविएशन सेक्टर की सेफ्टी के लिए काम करने वाले सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन के संस्थापक एक्सपर्ट कैप्टन अमित सिंह का कहना है कि यह प्लेन टर्बुलेंस में नहीं, बल्कि हाइड्रोलिक फेलियर इंडिकेशन का शिकार हुआ था।

उनका मानना है कि प्लेन के सिस्टम ने पायलटों को मल्टीपल हाइड्रोलिक फेल्योर के जो संकेत दिए थे, बहुत अधिक आशंका है कि वे सभी सही नहीं थे। इससे पायलट ने जल्दबाजी में प्लेन की नोज को एकदम नीचे की तरफ कर दिया। इससे प्लेन पहले करीब 300 फुट नीचे गया और फिर उसे संभालने के लिए अचानक ऊपर किया गया। इस दौरान चार एयर होस्टेस समेत 17 यात्री घायल हो गए। चूंकि इस मामले की जांच एएआईबी कर रही है, इसलिए अंतिम जांच रिपोर्ट सामने आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

फ्रेंच अथॉरिटी भी होगी शामिल
कैप्टन अमित का मानना है कि किसी भी प्लेन के एक साथ सभी सिस्टम फेल होना बेहद रेयर होता है। ऐसी स्थिति में प्लेन को संभालना लगभग असंभव हो जाता है। इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि पायलटों को कॉकपिट सिस्टम के सेंसर ने जो हाइड्रोलिक फेलियर के संकेत दिए, वे गलत थे। इससे पायलट घबरा गए और जल्दबाजी में प्लेन की नोज ज्यादा नीचे कर दी। इतना जरूर है कि उस दिन न तो इस फ्लाइट के आगे और न ही इसके पीछे वाली कोई फ्लाइट टर्बुलेंस में फंसी थी। ऐसे में सवाल है कि फिर ऐसा क्या हुआ कि यही फ्लाइट टर्बुलेंस में फंसी। मामले की जांच में जल्द ही डीजीसीए के साथ फ्रांस की प्रमुख एविएशन रेगुलेटर फ्रेंच सिविल एविएशन अथॉरिटी भी शामिल होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इस मामले में एयरबस का प्लेन शामिल है।

पायलट एक डोप टेस्ट में हो चुके हैं फेल
फ्लाइट के सीनियर पायलट के नशे में होने की भी जांच की जा रही है। वह पहले डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। दूसरे और अंतिम टेस्ट के लिए सैंपल लेकर लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट इसी सप्ताह आने की उम्मीद है। एएआईबी ने घटना को सीरियस इंसिडेंट की कैटेगरी में रखा है।

इन सवालों के जवाबों का हो रहा इंतजार
सूत्रों का कहना है कि एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट से ही खुलासा होगा कि वास्तव में हुआ क्या था। क्या प्लेन में सच में हाइड्रोलिक फेलियर हुआ था, जिसमें पायलटों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए 145 लोगों की जान बचाई या जल्दबाजी में पायलटों की गलती से यह सब हुआ? या फिर इसमें टर्बुलेंस का भी कोई मामला था या पायलट-इन-कमांड ने नशे में कोई गलत फैसला तो नहीं लिया?

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments