Thursday, August 6, 2026
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फैक्ट्री में काम कराने ले जाए जा रहे 16 बच्चों को बचाया, छत्तीसगढ़ में नियोक्ता गिरफ्तार

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के त्वरित हस्तक्षेप के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन और स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) की संयुक्त टीम ने महज डेढ़ घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए बच्चों को बस से बरामद किया।

मामले में एक नियोक्ता को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बच्चों को ले जाने वाले पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा को 5 अगस्त की शाम एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन की ओर से सूचना मिली थी कि रायपुर से कुछ बच्चों को बस के जरिए बाल श्रम के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट और चाइल्ड हेल्पलाइन के अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया और करीब डेढ़ घंटे के भीतर बस को रोककर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

बस में मिले 16 बच्चे, 7 नाबालिग बच्चे 14 से 16 वर्ष के
रेस्क्यू की गई टीम को बस में कुल 16 बच्चे मिले। इनमें 7 बच्चे 14 से 16 वर्ष आयु वर्ग के नाबालिग हैं। सभी बच्चे बैगा जनजाति से संबंधित बताए जा रहे हैं और राजनांदगांव तथा कबीरधाम जिले के रहने वाले हैं। रेस्क्यू के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित बाल आश्रय गृह में रखा गया है। यहां बच्चों की काउंसलिंग के साथ-साथ उनकी देखभाल की जा रही है।

मशरूम फैक्ट्री में काम कराने के लिए ले जाने का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चों को कचन्दूर स्थित मॉडर्न एग्रो मशरूम में काम कराने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। इस मामले में नियोक्ता लक्ष्मण पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(2), 143(3), 143(5) और 111(1) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

बाल श्रम और तस्करी के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति: आयोग
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाल श्रम, बाल तस्करी और बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों में आयोग जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करता है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना देने की अपील
आयोग ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी बाल श्रम या बाल तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते बच्चों को सुरक्षित बचाया जा सके।

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