चंडीगढ़
मतदाता सूची से किसी का नाम हटवाने के लिए अब मनमाने ढंग से बड़ी संख्या में आवेदन नहीं किए जा सकेंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने फार्म-7 के जरिए दर्ज कराई जाने वाली आपत्तियों की संख्या तय कर दी है।
इस कदम का उद्देश्य बिना ठोस आधार सामूहिक आपत्तियां दर्ज कराने पर रोक लगाना और मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाना है। नए निर्देश ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से दिए जाने वाले आवेदनों पर लागू होंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास और संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार लोहाना ने आयोग के निर्देशों की जानकारी दी।
नई मतदाता सूचियों का प्रकाशन छह नवंबर को होगा। अभी तक करीब 34 लाख मतदाताओं के नाम पुरानी मतदाता सूचियों से हटाए जा चुके हैं, जो मौजूद नहीं हैं। राज्य में पिछली मतदाता सूचियों के आधार पर दो करोड़ छह लाख से अधिक मतदाता थे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, फार्म-7 के जरिए मतदाता सूची में दर्ज किसी व्यक्ति के नाम पर आपत्ति जताई जा सकती है या नाम हटाने की मांग की जा सकती है। किसी व्यक्ति की मृत्यु होने या संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में दर्ज रहने की पात्रता न होने पर निर्धारित आधार और प्रक्रिया के तहत आपत्ति दी जा सकती है।
आयोग के निर्देशों के मुताबिक, मतदाता सूची में नाम जोड़ने से जुड़े दावे-आपत्तियों की निर्धारित अवधि में एक मतदाता अधिकतम 10 फार्म-7 आवेदन दे सकेगा। सूची के सामान्य अद्यतन के दौरान यह सीमा हर महीने पांच आवेदन होगी। फार्म वही व्यक्ति भर सकता है, जिसका नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज है।




