Wednesday, June 24, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबरवनीत बिट्टू ने SC आयोग के सामने मानी गलती, बोले- कानूनी तौर...

रवनीत बिट्टू ने SC आयोग के सामने मानी गलती, बोले- कानूनी तौर पर गलत थे मेरे शब्द

चंडीगढ़.

केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू बुधवार को पंजाब एससी आयोग के समक्ष पेश हुए। जातिसूचक टिप्पणी मामले में बिट्टू ने अपने वकीलों के माध्यम से आयोग के सामने अपना पक्ष रखा।

सुनवाई के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि घटना के दौरान उनके मुंह से निकले शब्द कानूनी तौर पर पूरी तरह गलत थे और इसके लिए वह पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। बिट्टू ने आयोग को बताया कि विवाद वाले दिन हालात बेहद तनावपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने संबंधित वीडियो अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट से भी डिलीट कर दी थी। बिट्टू के मुताबिक, उन्हें सबसे पहले संगरूर में एक एसपी रैंक के अधिकारी ने रोका था। उस अधिकारी ने बताया था कि भाजपा नेता ओंकार सिंह को बलिया थाने में हिरासत में रखा गया है।

आरोप- रवनीत बिट्‌टू साथ हुई बदसलूकी
उन्होंने कहा कि वह तुरंत बलिया थाने पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि ओंकार को संगरूर ले जाया गया है। बिट्टू ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ बदसलूकी की गई और कुछ ऐसे शब्द कहे गए, जिससे वह आहत हुए। बिट्टू के अनुसार, जब वह दोबारा संगरूर पहुंचे तो वहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने उनका रास्ता रोकते हुए कहा कि ओंकार धूरी में हैं। इसके बाद वह धूरी पहुंचे, जहां एक एसएचओ रैंक के अधिकारी ने उनकी गाड़ी के सामने वाहन लगाकर रास्ता रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

व्यवाहर के कारण भावुक हुए
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुलिस के व्यवहार और तनावपूर्ण माहौल के कारण वह भावुक हो गए थे। उन्होंने आयोग के समक्ष दोहराया कि यदि उनके मुंह से कोई आपत्तिजनक शब्द निकले, तो उसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं। बिट्टू ने कहा, “मैं उस पार्टी से आता हूं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाई कर्मचारियों के पैर धोकर सम्मान दिया था।”

मामला निकाय चुनाव के दिन का
दरअसल, यह विवाद 26 मई 2026 को पंजाब निकाय चुनाव के मतदान के दिन शुरू हुआ था। धूरी (संगरूर) में भाजपा नेता ओंकार सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उन्हें छुड़ाने और धूरी में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान रवनीत बिट्टू और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद बिट्टू पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे थे। आम आदमी पार्टी ने इस घटना को ‘गुंडागर्दी’ करार दिया था।

मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब एससी आयोग ने बिट्टू को तलब किया था और संगरूर पुलिस से रिपोर्ट भी मांगी थी। बिट्टू को पहले 4 और 15, जून को पेश होना था, लेकिन निजी कारणों और दिल्ली में व्यस्तता के चलते वह उपस्थित नहीं हो सके थे। उस समय उनके वकील आयोग के समक्ष पेश हुए थे और आयोग अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी को उनकी व्यस्तता की जानकारी दी थी। अब बिट्टू ने आयोग के सामने व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रख दिया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments