जयपुर
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पर्याप्त, स्वच्छ एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा संचालित विशेष राज्यव्यापी अभियानों ने भीषण गर्मी के दौरान जल संकट के समाधान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इन अभियानों के माध्यम से हजारों पेयजल समस्याओं का त्वरित समाधान कर लाखों लोगों को राहत पहुंचाई गई है तथा जलापूर्ति व्यवस्थाओं को नई मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री की सतत मॉनिटरिंग, त्वरित निर्णय क्षमता और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध दृष्टिकोण के चलते विभाग ने जलापूर्ति व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा जल स्रोतों के संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी कार्य किए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में देखने को मिले हैं और पेयजल सेवाओं की गुणवत्ता एवं उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
एक ही दिन में 2,385 पेयजल समस्याओं का समाधान
शनिवार को आयोजित नवें विशेष राज्यव्यापी अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क तथा जलापूर्ति व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की। अभियान के तहत 597 खराब हैंडपंपों को पुनः चालू किया गया, 512 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 165 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा 161 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल की गई। इसके अतिरिक्त कम जलापूर्ति, अल्प अवधि की सप्लाई एवं प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी प्रभावी निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 2,385 पेयजल संबंधी कार्य पूर्ण कर विभाग ने अपनी कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
2,357 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण
नवें अभियान के दौरान तकनीकी टीमों ने समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 2,357 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया। इससे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को तत्काल राहत मिली तथा पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित निवारण सुनिश्चित हो सका
नौ अभियानों में 24 हजार से अधिक कार्य, पेयजल व्यवस्था हुई और मजबूत
5 अप्रैल से 20 जून तक संचालित नौ विशेष राज्यव्यापी अभियानों के दौरान प्रदेशभर में 24,781 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इनमें 5,081 हैंडपंपों की मरम्मत, 3,360 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1,610 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान तथा 1,816 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण शामिल है। इसके अतिरिक्त 8,684 अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं भरोसेमंद बनाया गया है। इन प्रयासों से विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता में सुधार हुआ है तथा हजारों परिवारों को भीषण गर्मी के दौरान राहत मिली है।
अवैध जल उपयोग के खिलाफ प्रभावी अभियान
जल संरक्षण और संसाधनों के समुचित प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल उपयोग के विरुद्ध भी व्यापक अभियान चलाया है। नवें अभियान के दौरान 332 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबों एवं कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे कनेक्शन शामिल थे। अब तक विशेष अभियानों के दौरान कुल 2,518 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं। इस कार्रवाई से जल की बर्बादी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है तथा आमजन के लिए उपलब्ध जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
30 जून तक जारी रहेंगे विशेष अभियान
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान 30 जून तक निरंतर संचालित किए जाएंगे। इन अभियानों का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ, पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना तथा गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।




