Saturday, June 20, 2026
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CBI जांच से बढ़ी IAS अधिकारियों की चिंता, हरियाणा-चंडीगढ़ घोटाले में बड़े खुलासे के संकेत

चंडीगढ़.

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े हरियाणा के सरकारी विभागों और चंडीगढ़ नगर निगम समेत क्रेस्ट के खातों में हुए करोड़ों के घोटाले में सीबीआई अब बड़े एक्शन की तैयारी में है। आईएएस समेत कई अफसरों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है, जिससे उनकी नींद उड़ी हुई है।

नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े 116 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में सीबीआई की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है।  शुरुआत से ही कई वरिष्ठ अधिकारी जांच के दायरे में हैं और उनसे पूछताछ चल रही थी, लेकिन उन्हें इस मामले में न तो आरोपित बनाया गया और न ही गिरफ्तार किया।
हाल ही में हरियाणा में हुए 650 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में सीबीआई ने पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आरके सिंह को गिरफ्तार किया। चंडीगढ़ में हुए घोटाले में भी अफसरों के नाम सामने आए हैं। सीबीआई जल्द उनके खिलाफ भी बड़ा एक्शन ले सकती है। दोनों मामले एक दूसरे से जुड़े हैं और सीबीआई दोनों की जांच कर रही है। ऐसे में दोनों मामलों में बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी हो सकती है।

पिछले महीने सीबीआई को मिला केस
सीबीआई ने पिछले महीने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही थी। जांच में सामने आया कि स्मार्ट सिटी परियोजना की एफडी में जमा करोड़ों रुपये का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि धनराशि को निकालकर निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया गया और बाद में रिकार्ड में हेरफेर कर फर्जी एफडी दस्तावेज तैयार किए गए। स्मार्ट सिटी परियोजना खत्म होने के बाद शेष ग्रांट और बैंक जमा राशि को नगर निगम के खातों में स्थानांतरित किया जाना था। इसी प्रक्रिया के दौरान आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में दिखाई जा रही एफडी की रसीदें जाली पाई गईं। जांच में खुलासा हुआ कि एफडी में जमा रकम पहले ही निकाली जा चुकी थी।

शेल कंपनियां बनाकर किया घोटाला
आरोपितों ने इस रकम को विभिन्न शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया और बाद में रियल एस्टेट सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश कर मोटी कमाई की। मामला उजागर होने के बाद इसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी। अब सीबीआई वित्तीय लेनदेन, बैंक रिकाॅर्ड, शेल कंपनियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। इस मामले में अब तक 10 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है जिनमें स्मार्ट सिटी और आइडीएफसी बैंक के अधिकारी भी शामिल हैं।

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