25 साल के लंबे इंतजार और तमाम उतार-चढ़ाव के बाद सोमवार को आखिरकार यूपी की आंखों में पला-बढ़ा जेवर एयरपोर्ट का सपना पूरा हो गया। 172 किसानों को लेकर जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ की पहली फ्लाइट सुबह करीब 9:55 बजे चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची। खुशी और उत्साह से लबरेज चेहरों के साथ किसानों ने 5 कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात और संवाद किया। 172 किसानों के इस दल में 20 महिला किसान शामिल रहीं। किसानों ने अपने इलाके के विकास के लिए सीएम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान सीएम योगी ने जेवर एयरपोर्ट बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के दौरान का एक किस्सा साझा किया।
उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि जब हमारी कैबिनेट ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिए प्रस्ताव पारित किया तो हमने अधिकारियों को समय सीमा दी थी। यह 100 दिन की थी लेकिन जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। इसके बाद मैं वहां गया तो किसानों के साथ बैठक में करीब 100 किसानों से हमने कहा कि वहां एयरपोर्ट बनाना है। तब वाकई मुझे यही सुनने को मिला कि हम जमीन नहीं देंगे।
सीएम योगी ने बताया कि तब मैंने कहा कि आपको एक घंटे का समय दे रहा हूं। एयरपोर्ट बना तो यह आपके इलाके की तस्वीर बदल देगा क्योंकि समय सबका आता है, कुछ बन जाते हैं, कुछ बिखर जाते हैं"…। जो मौके को गंवा देता है, वह बिखर जाता है। सीएम योगी ने कहा कि आपने मुझ पर विश्वास किया। ये कार्यवाही युद्धस्तर पर आगे बढ़ी तो परिणाम है कि 13 हजार एकड़ से अधिक जमीन पर पहले फेज का काम होकर,नया इतिहास रच दिया है। सीएम योगी ने आगे कहा कि जेवर अब वह जेवर नही रहा।
अब तो यहां कुबेर आना चाहते हैं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक आपराधिक गतिविधियों का क्षेत्र बन गया था। शाम होते ही आवागमन बंद हो जाता था। बेटियां असुरक्षित थीं। किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। यही नहीं किसानों का उत्पीड़न होता था। हम इसको देखते थे। सड़क, सुविधा, रोजगार कुछ नहीं था। उन स्थितियों में दिल्ली के नज़दीक जेवर मात्र एक कस्बा था, एक गांव था।
सीएम योगी ने कहा कि अब आप जरा सोचिए, दिल्ली को फेल करने जा रहे हैं, दुनिया का हर बड़ा व्यक्ति वहां आना चाहता है। आप परी की बात कर रहे थे, अब तो वहां कुबेर आना चाहते हैं। संवाद के दौरान किसानों ने सीएम योगी से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।




