Friday, June 26, 2026
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बारिश से किसानों के चेहरे खिले, आम-जामुन और धान की फसल को मिला फायदा

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में मौसम अचानक बदल गया है। रायबरेली जिले में शनिवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह करीब 08:15 बजे आसमान में बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ धूल का गुबार उठा, और देखते ही देखते बूंदाबांदी झमाझम बारिश में बदल गई। लगभग डेढ़ घंटे तक हुई इस तेज बारिश ने जहां एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी निजात दिलाई है। वहीं दूसरी तरफ शहर की रफ्तार पर कुछ देर के लिए ब्रेक भी लगा दिया। वर्षा ऋतु की इस पहली अच्छी बारिश का बच्चों ने जमकर लुत्फ उठाया। वे सड़कों और छतों पर भीगते नजर आए। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 30 जिलों में आंधी-बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी और प्रयागराज समेत 40 जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

किसानों के चेहरे खिले, आम-जामुन की फसल को संजीवनी
रायबरेली में हुई यह बारिश कृषि क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो रही है। खासकर धान की नर्सरी (बैरन) डाल रहे किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। इसके अलावा, इस बारिश को आम और जामुन के फलों के लिए भी बेहद लाभदायक माना जा रहा है, जिससे फसलों में चमक और मिठास बढ़ेगी।

पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के इलाकों में देखने को मिल सकता है। वहां हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे के तूफानी झोकों में बदल सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर आंधी की रफ्तार का आकलिया है। इसके मुताबिक फिरोजाबाद, मैनपुरी, आगरा, एटा, इटावा, कासगंज अलीगढ़, मथुरा, औरैया, जालौन, हाथरस, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर और झांसी में सबसे भीषण अंधड़ चलने की आशंका है। यहां हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

हीट डोम क्षेत्र से छिटक रहे बादल
जून में भी उत्तरी पाकिस्तान से आए पश्चिमी विक्षोभों का प्रदेश के कई जिलों में असर पड़ा लेकिन हीट डोम वाले क्षेत्रों से बादल छिटक गए। यहां या तो बारिश हुई नहीं और हुई भी तो नाममात्र। इसके विपरीत पश्चिमी यूपी के जनपदों में भारी बारिश हुई। आईएमडी के शुक्रवार सुबह 08:30 बजे के आंकड़ों के अनुसार मेरठ 62 मिमी, मुरादाबाद 66 मिमी, मुजफ्फरनगर 57 मिमी, शाहजहांपुर 18 मिमी, हरदोई 09 मिमी, झांसी 01 मिमी, इटावा 10 मिमी, बरेली 19 मिमी, आगरा 18 मिमी और गाजियाबाद में 6.5 मिमी बारिश हुई। अन्य जनपदों में ज्यादातर में बूंदाबांदी या एक से दो मिली बारिश ही हुई। लेकिन बुंदेलखंड के जनपदों व कानपुर नगर समेत आसपास के जनपदों में जहां तापमान 40 के पार रहा वहां बारिश नाममात्र ही हुई। पिछले 48 घंटों से ऑरेंज अलर्ट के बावजूद केवल तेज हवाएं चलीं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जो हीट डोम का क्षेत्र है वहां बारिश ऐसे में मुश्किल होती है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सशक्त था जिसका असर आगे भी पड़ेगा। देश के मध्य हिस्से के राज्यों में अभी आंधी-पानी जारी रहेगा लेकिन शनिवार से यूपी में यह सीमित हो जाएगा।

30 जिलों में ऑरेन्ज अलर्ट, 40 में यलो अलर्ट
प्रदेश में चक्रवातीय प्रणालियों और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम का मिजाज आक्रामक बना हुआ है। अमौसी स्थित यूपी-उत्तराखंड के मौसम मुख्यालय ने अगले 24 घंटों यानी शनिवार की सुबह तक के लिए 30 जिलों में तेज आंधी-बारिश, और वज्रपात का ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 40 जिलों के लिए यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, सबसे ज्यादा प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के इलाकों में देखने को मिलेगा। जहां हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे के तूफानी झोंकों में तब्दील हो सकती है।

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