Monday, June 15, 2026
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बिहार में टेक हब बनाने की तैयारी, जीसीसी नीति के तहत गूगल को मिला आमंत्रण

पटना
 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बुधवार को नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में गूगल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट चंदू थोटा के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

उस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि से संबंधित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने गूगल को बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने हेतु आमंत्रित किया। दोनों पक्षों ने बिहार के डिजिटल विकास को गति देने के लिए सुदृढ़ साझेदारी की दिशा में कार्य करने पर सहमति जताई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीसीसी नीति के अंतर्गत गूगल के लिए बिहार में बेहतरीन अवसर है। उल्लेखनीय है कि यह नीति राज्य को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए एक प्रमुख तकनीकी और अनुसंधान हब बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।

इसका मुख्य लक्ष्य बिहार में आधुनिक तकनीकों (एआइ, क्लाउड कंप्यूटिंग आदि) के केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं के लिए उच्च-स्तरीय रोजगार सृजित करना है। मौके पर सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।

कंपनियों के अनुकूल नीति
बिहार जीसीसी नीति-2026 के अंतर्गत राज्य में जीसीसी स्थापित करने वाली पात्र कंपनियों को पूंजीगत व्यय के 30 प्रतिशत (अधिकतम 50 करोड़ रुपये) तक की सब्सिडी का प्रविधान है।

राज्य के मूल निवासियों को रोजगार देने वाली कंपनियों को कर्मचारियों के वेतन पर सब्सिडी मिलेगी। प्रति इकाई अधिकतम 200 कर्मचारियों तक यह सहायता पहले वर्ष में 50 प्रतिशत, दूसरे वर्ष में 40 प्रतिशत और तीसरे वर्ष में 30 प्रतिशत तक होती है।

कंपनियों के कार्यालयों के किराये पर भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पेटेंट फाइलिंग फीस का शत प्रतिशत (पांच वर्षों में 50 लाख रुपये तक) और अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन का 50 प्रतिशत (पांच वर्षों में 25 लाख रुपये तक) वापस किया जाएगा। पटना और दानापुर नगर निगम क्षेत्रों के बाहर जीसीसी स्थापित करने वाली कंपनियों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन मिलेगा।

जीसीसी क्या है
जीसीसी वस्तुत: बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा दूसरे देशों में स्थापित की गई रणनीतिक शाखाएं हैं। इनका मुख्य उद्देश्य बाहरी वेंडर्स पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का केंद्र बनाकर वैश्विक प्रतिभा, कम लागत और तकनीकी नवाचार (एआइ, क्लाउड कंप्यूटिंग, आरएंडडी और डेटा विश्लेषण आदि) का लाभ उठाना है

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