Monday, October 19, 2026
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पंजाब में रोडवेज की हड़ताल का ऐलान, मांगें नहीं मानीं तो ठप हो सकती हैं बस सेवाएं

चंडीगढ़.

पंजाब में एक बार फिर बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने उनकी मांगों का समाधान नहीं किया तो राज्यभर में बसों का चक्का जाम किया जा सकता है। ऐसा होने पर रोजाना बसों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस/पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के नेताओं ने सरकार पर कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। यूनियन का कहना है कि मांगों को लेकर बार-बार बैठकें टलने से कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है।चंडीगढ़. कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर रोडवेज कर्मचारियों व सरकार के बीच में खींचतान बढ़ गई है। रोडवेज कर्मचारियों ने मांग पूरी नहीं होने पर चक्का जाम का ऐलान कर दिया है। अगर रोडवेज का चक्का जाम होता है तो लाखों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

पंजाब रोडवेज द्वारा 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इस हड़ताल में पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों ने चेताया कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो राज्यभर में बसों का चक्का जाम किया जा सकता है।
अगर पंजाब रोडवेज बस का चक्का जात होता है तो इसका असर पंजाब के यात्रियों पर तो पड़ेगा ही, वहीं इसका असर हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल के यात्रियों पर पड़ने वाला है। पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के नेताओं ने सरकार पर कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। पंजाब रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 10 से 15 वर्षों से अनुबंध पर नियुक्त चालक और परिचालकों को पक्का किया जाए। आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर लाया जाए। विरोध प्रदर्शन और अन्य मामलों के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज किए गए पुलिस के झूठे केस वापस लिए जाएं। पंजाब रोडवेज से आउटसोर्स की पूरी व्यवस्था को जड़ से समाप्त किया जाए और कर्मचारियों को नियमित भर्ती किया जाए।

रोडवेज कर्मचारियों ने 15 अक्टूबर को दिया था धरना
रोडवेज कर्मचारियों ने मांगों को लेकर 15 अक्टूबर को भी डिपो स्तर पर धरना दिया था। रोडवेज संगठन नेताओं का कहना है कि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो बसों का संचालन रोकेंगे कर्मचारी यूनियन के प्रदेश नेता रेशम सिंह गिल ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।

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