फतेहपुर
शहर के पटेल नगर स्थित ब्लिंकिट स्टोर में रविवार को मांस के पैकेटों की डिलीवरी को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि ‘हैप्पी नवरात्रि’ लिखे कैरी बैग में मीट के पैकेट रखकर बेचे जा रहे थे। हंगामे के बाद स्टोर में ताला लग गया। बजरंग दल के धमेंद्र सिंह जनसेवक ने आरोप लगाया कि ‘हैप्पी नवरात्रि’ लिखे कैरी बैग में मीट की डिलीवरी की जा रही थी। इसे आस्था से खिलवाड़ बताते हुए कंपनी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई है।
ब्लिंकिट स्टोर पर लगा ताला
सूचना पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्टोर का निरीक्षण किया। सहायक आयुक्त खाद्य वीरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि 10 दिन पहले भी नवरात्र में मीट नहीं बेचने के निर्देश दिए गए थे। जांच में लाइसेंस पर मीट बिक्री की अनुमति नहीं मिली। फ्रोजन मीट के 166 पैकेट सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुकदमा और जुर्माने लगाने की कार्रवाई भी होगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार दीक्षित ने बताया कि आउटलेट संचालक ने खाद्य सामग्री बिक्री का लाइसेंस दिखाया, लेकिन उसके उपनियम 31 में मांस और मांस उत्पादों की बिक्री का उल्लेख नहीं है। इसलिए 166 पैकेट जब्त किए गए हैं। मामले में एडीएम वित्त एवं राजस्व की अदालत में वाद दर्ज कराया जाएगा। सुनवाई और जुर्माने के बाद जब्त मांस के संबंध में निर्णय होगा। मांस की बिक्री के लिए अलग से आवश्यक लाइसेंस लेना होगा। तब तक आउटलेट अन्य वस्तुओं की बिक्री कर सकेगा।
फ्रोजन मीट के 166 पैकेट जब्त
नवरात्रि के नाम लिखे बैग में मांसाहारी उत्पादों की आपूर्ति को लेकर हुए विरोध के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने आउटलेट से 45,384 रुपये कीमत के 166 मांस के पैकेट जब्त कर लिए। साथ ही आउटलेट पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया। जांच के दौरान आउटलेट के कर्मचारी बयान देने से बचते रहे। हंगामे की अगुवाई कर रहे धर्मेंद्र सिंह जनसेवक ने कहा कि उनका उद्देश्य आउटलेट बंद कराकर लोगों को बेरोजगार करना नहीं है। उनका विरोध लिफाफे पर ‘हैपी नवरात्रि’ लिखकर मांस की आपूर्ति करने को लेकर है। उन्होंने इसे सनातन धर्म के सम्मान को चोट पहुंचाने वाला कृत्य बताया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल हेमंत मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद आउटलेट का शटर बंद कराकर घंटों जांच की गई।




