Monday, October 19, 2026
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लखनऊ से सहारनपुर तक बढ़ा शिकंजा, श्रद्धा दुबे को अदालत में पक्ष रखने का निर्देश; जानें पूरा मामला

सहारनपुर/लखनऊ
सहारनपुर के एसीजेएम-द्वितीय न्यायालय ने आयुष्मान योजना के नाम पर 90.59 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़े केस नंबर 83/2024 में श्रद्धा दुबे को नोटिस भेजा है. डॉ. प्रभात कुमार वर्मा द्वारा जब्त स्कोडा कार (DL6CM3920) को रिलीज कराने की अर्जी पर कोर्ट ने यह कार्रवाई की है. लखनऊ के हजरतगंज स्थित अपार्टमेंट में श्रद्धा दुबे के फ्लैट पर यह नोटिस चस्पा किया गया है. पुलिस जांच के अनुसार यह कार श्रद्धा के नाम रजिस्टर्ड है. इस मामले में मुख्य आरोपी अंकित जायसवाल समेत अन्य गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि श्रद्धा दुबे लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में भी फरार चल रही है। 

90.59 लाख की साइबर ठगी का मामला
यह पूरा प्रकरण 11 नवंबर 2024 को सहारनपुर के साइबर क्राइम थाने में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है. शिकायतकर्ता डॉ. प्रभात कुमार वर्मा ने पुलिस को बताया था कि उनके अस्पताल में आयुष्मान योजना के बकाया भुगतान के नाम पर 90 लाख 59 हजार 600 रुपये की ठगी की गई थी. पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 317(4) और आईटी एक्ट 66डी के तहत केस दर्ज किया था। 

कार रिलीज कराने के लिए दाखिल हुई अर्जी
ठगी के इस मामले में पुलिस ने अंकित जायसवाल, अभय शर्मा और विवेक शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. पुलिस जांच में सामने आया कि अंकित जायसवाल ने ठगी के पैसों से यह स्कोडा सुपर्ब कार खरीदी थी, जिसे बाद में श्रद्धा दुबे के नाम पर पंजीकृत कराया गया था. अब इसी जब्त कार को छुड़ाने के लिए डॉक्टर प्रभात कुमार वर्मा की तरफ से अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। 

लखनऊ में फ्लैट पर चस्पा हुआ नोटिस
अदालत ने इस मामले पर सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है. सहारनपुर कोर्ट के इस नोटिस को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित उसी अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर श्रद्धा दुबे के फ्लैट पर चस्पा किया गया है, जहां शिवा शर्मा की गिरकर मौत हुई थी. पुलिस और कोर्ट इस मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। 

पहले भी हो चुकी है नकदी और खातों पर कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता के 2 लाख 76 हजार रुपये आरोपी के खाते में फ्रीज कराए थे. इसके अलावा 7 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे, जो 16 मार्च 2026 को अदालत के आदेश पर डॉ. प्रभात कुमार वर्मा को वापस सौंप दिए गए थे. अब कार और फ्रीज रकम को लेकर अंतिम फैसला अदालत की आगामी सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा। 

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