Thursday, October 15, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्डझारखंड के धान किसानों के लिए जरूरी खबर, जमीन का सत्यापन और...

झारखंड के धान किसानों के लिए जरूरी खबर, जमीन का सत्यापन और ई-केवाईसी अनिवार्य; GPS वाले वाहनों से होगी ढुलाई

रांची
झारखंड में इस वर्ष भी सरकारी संग्रह केंद्रों पर धान जमा करानेवाले किसानों को एडवांस में पैसे मिल जाएंगे। राज्य सरकार ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। दूसरी ओर, झारखंड में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य पूर्व निर्धारित लक्ष्य 50 लाख टन से कम किया जा सकता है। इस सप्ताह इस मसले पर राज्य सरकार निर्णय ले लेगी।

लक्ष्य कितना कम होगा उसको लेकर मंत्री डाॅ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्णय लिया जाएगा। समीक्षा बैठक इसी सप्ताह होने का अनुमान है। लक्ष्य कम करने के पीछे एक बड़ा कारण सिस्टम में घुस चुके बिचौलिए भी हैं।

झारखंड में ऐसे लोग भी हैं जिनकी जमीन का काेई ठिकाना नहीं है लेकिन सैकड़ों क्विंटल धान बेच चुके हैं। इन अनुभवों और केंद्र के निर्देश को आत्मसात करते हुए इस वर्ष धान अधिग्रहण प्रक्रिया में बदलाव भी किया गया है। किसानों को अभी एक महीने के अंदर जमीन का सत्यापन कराकर खाते का ई-केवाइसी भी कराने को कहा गया है।

झारखंड में पिछले वर्ष 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य था जिसे कुछ महीनों पूर्व घटाकर 50 लाख टन कर दिया गया था। अब एक बार फिर यह लक्ष्य कम हो सकता है। लक्ष्य बड़ा होने का फायदा बिचौलिए उठाते थे और जमीन नहीं होने अथवा खेतीबारी से जुड़ाव नहीं होने के बावजूद सरकारी केंद्रों पर धान बेचकर निकल जाते थे।

ऐसे लोग दूसरों की पंजीकृत आईडी का इस्तेमाल भी कर लेते थे। अब सरकार ने नवंबर महीने में अंचल कार्यालय में जमीन की रसीद, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो जमा कर किसानों को सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।

सरकार बिहार से सटे धान क्रय केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने की तैयारियों में जुटी है। बिचौलियों से रक्षा के लिए निर्धारत मीलों तक धान ले जाने के लिए उन्हीं वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा जिनमें जीपीएस लगा होगा।

बिहार-यूपी से अधिक लक्ष्य पर सवाल
झारखंड में धान अधिप्राप्ति को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश से अधिक लक्ष्य पर सवाल उठ रहा है।बिहार में चालू वित्तीय वर्ष में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 36 लाख टन है जिसे बढ़ाकर 50 लाख टन करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है।

इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 65 लाख टन निर्धारित किया गया है। इन दोनों पड़ोसी राज्यों का क्षेत्रफल और कृषि योग्य भूखंड झारखंड से अधिक है।

झारखंड में दो वर्ष पूर्व धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 80 लाख टन था जिसे घटाकर पिछले वित्तीय वर्ष में 60 लाख टन किया गया था। अब इस वर्ष 50 लाख टन धान खरीदारी का लक्ष्य है जिसे कम करने की तैयारी में राज्य सरकार है।

    हम एक बार फिर किसानों को भुगतान के लिए एडवांस में राशि जारी करने जा रहे हैं। धान खरीद के लक्ष्य को लेकर केंद्र से शीघ्र ही वार्ता होगी। जहां तक बिचौलियों का सवाल है, राज्य सरकार किसीर को फायदा उठाने नहीं देगी।
    -डाॅ. इरफान अंसारी, मंत्री, खाद्य आपूर्ति विभाग।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments