Sunday, October 11, 2026
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छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक: पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर होगा जनजातीय कार्य विभाग

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी पत्रकार-वार्ता में उपस्थित थे।

कैबिनेट की बैठक में पूर्व अग्निवीरों को राज्य की सेवाओं में अवसर देने और आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने पत्रकार-वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 25 वर्षों में हुए विकास कार्यों और छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से मिले सहयोग का भी उल्लेख किया।

पूर्व अग्निवीरों को आरक्षक भर्ती में मिलेगा अवसर

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और दक्षता का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की अनुमति प्रदान की गई है।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इस फैसले से पूर्व अग्निवीरों को राज्य की पुलिस सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।

आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर होगा जनजातीय कार्य विभाग

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल उपलब्धि का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित एक असाधारण कार्ययात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता और मंत्रिपरिषद की ओर से प्रधानमंत्री के कर्मयोग, जनसेवा और दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घकालीन राष्ट्रसेवा की कामना भी की।

निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर किए गए सुधार

पत्रकार-वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए कई नीतिगत और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ के तहत औद्योगिक अनुमतियों को सरल बनाया गया है। निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर स्वतः स्वीकृति यानी डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान किया गया है।

प्रस्तुत विवरण के अनुसार, राज्य में 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। इनके परिणामस्वरूप 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री आवास और आयुष्मान भारत योजना से लाखों परिवारों को लाभ

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूरे हुए हैं। पिछले पौने तीन वर्षों में 11.78 लाख आवास बनाए गए हैं।

आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 2.49 करोड़ पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाए गए हैं। वहीं, 51.17 लाख हितग्राहियों को लगभग 11,877 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार मिला है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 39.73 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन दिए जाने की जानकारी भी दी गई।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख माताओं और बहनों को प्रतिमाह 1,000 रुपये यानी सालाना 12,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

किसानों को आर्थिक संबल और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा

पत्रकार-वार्ता में कृषि क्षेत्र से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ छत्तीसगढ़ के 26.57 लाख किसानों के खातों तक पहुंचा है। राज्य में धान उपार्जन 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन के स्तर पर पहुंचने की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं और सहयोग से किसानों, महिलाओं, गरीब परिवारों तथा जनजातीय समुदायों के विकास को गति मिली है।

बस्तर में विकास और नक्सलवाद के खिलाफ प्रयासों का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षा बलों के साहस से 31 मार्च 2026 को नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने बताया कि नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्र से 2,080 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिली है। आत्मसमर्पण करने वाले कैडर और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी से संबंधित विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ का रोडमैप तैयार किया है। इसका उद्देश्य विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के माध्यम से विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प में योगदान देना है।

उन्होंने कहा कि खनिज और ऊर्जा संसाधन, मेहनती किसान, सशक्त महिलाएं, युवा शक्ति, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और निवेश के अनुकूल वातावरण राज्य की प्रमुख ताकत हैं। सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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