Sunday, October 11, 2026
Google search engine
Homeराज्यछत्तीसगढ़नवरात्र में मां अंगारमोती धाम में आस्था का अनूठा संगम, 52 गांवों...

नवरात्र में मां अंगारमोती धाम में आस्था का अनूठा संगम, 52 गांवों के देवी-देवताओं के नाम से जलेगी अखंड ज्योत

धमतरी
 गंगरेल में आदिशक्ति मां अंगारमोती मंदिर है. इस मंदिर में 11 अक्टूबर को शाम 5 बजे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ज्योत-जवारा का आयोजन किया जाएगा. इस बार घी और तेल की 7 हजार से ज्यादा ज्योत प्रज्ज्वलित होने की उम्मीद है। 

ज्योत के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीयन सुविधा
आदिशक्ति मां अंगारमोती ट्रस्ट के अध्यक्ष जीवराखन मरई ने बताया कि मन्नत की ज्योत के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है. अब तक करीब 40 प्रतिशत पंजीयन ऑनलाइन हुए हैं. नवरात्र के नौ दिनों तक मंदिर परिसर में लगभग 150 युवक-युवतियां सेवादार के रूप में अपनी सेवाएं देंगे. ये सभी आदिवासी समाज से हैं, जिन्हें श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था संभालने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

रूढ़ि परंपरा के अनुसार होगी जंवारा स्थापना
जीवराखन मरई ने बताया कि आदिवासी समाज की परंपरा के मुताबिक मंदिर में जवारा लगाया जाएगा. 11 अक्टूबर को शाम 5 बजे पूजा के साथ आयोजन की शुरुआत होगी. इसके बाद नवरात्र के दौरान श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर ज्योत-जवारा के दर्शन कर सकेंगे। 

52 गांवों के देवी-देवताओं के नाम से प्रज्वलित होगी अखंड ज्योत
मां अंगारमोती मंदिर ट्रस्ट की खास परंपरा 52 गांवों के देवी-देवताओं के नाम से प्रथम ज्योत प्रज्ज्वलित करने की है. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है. इसे अखंड ज्योत के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है। 

श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम
बाहर से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में डॉरमेट्री हॉल है, जहां एक साथ 40 से 45 लोग ठहर सकते हैं. अलग कमरे में रुकने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए चार कमरे आरक्षित रखे गए हैं. मंदिर परिसर की साज सज्जा में भी इस साल बदलाव किए गए हैं। 

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा
मंदिर में बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा गया है. मुख्य द्वार पर दो ट्राइसाइकिल रहेंगी और वालंटियर तैनात रहेंगे. ये वालंटियर श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वार से माताजी के दर्शन कराएंगे और दर्शन के बाद वापस मुख्य द्वार तक छोड़ेंगे. मंदिर परिसर में बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है। 

25 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने की पहल
मंदिर परिसर में बिजली की उपलब्धता बेहतर बनाने के उद्देश्य से ट्रस्ट ने 25 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट भी लगाया है। 

नवरात्र के बाद घर पहुंचेगी माता की प्रसादी
मन्नत की ज्योत प्रज्वलित कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए ट्रस्ट ने एक विशेष व्यवस्था भी की है. नवरात्र समाप्त होने के बाद पंजीयन कराने वाले भक्तों के घर माता की तस्वीर और प्रसादी भेजने का प्रावधान है. ट्रस्ट अध्यक्ष जीवराखन मरई ने बताया कि तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. अब प्रयास यही है कि नवरात्र में मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments