Saturday, August 1, 2026
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सेहत के लिए फायदेमंद होगा ऊंटनी के दूध का पनीर, बीकानेर के वैज्ञानिकों ने किया तैयार

बीकानेर
रेगिस्तान की पहचान माने जाने वाले ऊंट अब केवल परिवहन या दूध उत्पादन तक सीमित नहीं रहेंगे. बीकानेर स्थित राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) के वैज्ञानिकों ने ऊंटनी के दूध से विशेष प्रकार का पनीर तैयार कर एक नई उपलब्धि हासिल की है. यह पनीर ऊंटनी और गाय के दूध के मिश्रण से बनाया गया है, जो प्रोटीन, खनिज तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर बताया जा रहा है. वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प बन सकता है. बीकानेर के वैज्ञानिकों की यह पहल न केवल डेयरी क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही है, बल्कि रेगिस्तानी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। 

एनआरसीसी के वैज्ञानिक डॉ. मितुल बुंबडिया और डॉ. राजेंद्र कुमार ने प्रयोगशाला स्तर पर सिट्रिक अम्ल की सहायता से इस विशेष पनीर को तैयार किया है. वैज्ञानिकों के अनुसार, ऊंटनी के दूध में सामान्य गाय या भैंस के दूध की तुलना में प्रोटीन की संरचना अलग होती है, जिसके कारण इसे सीधे फाड़कर पनीर बनाना संभव नहीं होता. इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने ऊंटनी के दूध में 30 प्रतिशत गाय का दूध मिलाकर उसकी जमावट क्षमता बढ़ाई. तैयार पनीर में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा ऊंटनी के दूध का है। 

पनीर को सात दिनों तक रखा जा सकता है सुरक्षित
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पनीर का स्वाद हल्का नमकीन है और इसे पांच से सात दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है. खास बात यह है कि यह पनीर पोषक तत्वों से भरपूर होने के साथ स्वास्थ्यवर्धक भी माना जा रहा है. ऊंटनी के दूध में प्राकृतिक रूप से कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं. यही कारण है कि इस उत्पाद को औषधीय गुणों वाला दुग्ध उत्पाद भी माना जा रहा है। 

ऊंटनी के दूध से तैयार पनीर लोगों के लिए बेहतर विकल्प
डेयरी प्रौद्योगिकी एवं प्रसंस्करण इकाई के वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि भारत में पनीर का उपयोग दैनिक भोजन से लेकर कई प्रकार के व्यंजनों में बड़े स्तर पर किया जाता है. ऐसे में ऊंटनी के दूध से तैयार यह पनीर लोगों के लिए एक नया और स्वास्थ्यप्रद विकल्प साबित हो सकता है. उन्होंने बताया कि यदि बाजार में इसकी मांग बढ़ती है, तो बड़े स्तर पर उत्पादन की दिशा में भी काम किया जाएगा। 

ऐसे तैयार होता है ऊंटनी के दूध से पनीर
पनीर तैयार करने की प्रक्रिया भी वैज्ञानिकों ने साझा की है. सबसे पहले ऊंटनी के दूध को करीब 90 डिग्री तापमान तक गर्म किया जाता है. इसके बाद इसे थोड़ा ठंडा कर विशेष अनुपात में तैयार मिश्रण के साथ फाड़ा जाता है, जिससे पनीर तैयार हो जाता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि लंबे शोध और प्रयोगों के बाद उन्हें अच्छे परिणाम मिले हैं और उच्च गुणवत्ता वाला पनीर तैयार करने में सफलता मिली है.

एनआरसीसी अब इस तकनीक को पशुपालकों और किसानों तक पहुंचाने की तैयारी भी कर रहा है. यदि कोई किसान या पशुपालक ऊंटनी के दूध से पनीर बनाना सीखना चाहता है, तो वह केंद्र में आकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है. इससे ऊंट पालन से जुड़े लोगों की आय बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। 

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