Sunday, October 11, 2026
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‘मैं अयोध्या से लड़ने को तैयार’, अखिलेश यादव के चैलेंज पर CM योगी का क्या रुख? राजनीतिक बयानबाजी तेज

 लखनऊ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर पलटवार किया है. बलरामपुर की सभा में उन्होंने अखिलेश को भी अयोध्या से नामांकन करने को कहा और माफिया, राम मंदिर और विपक्ष की भाषा पर भी बोले. उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश पर सवाल उठाए। 

अखिलेश दो दिन के दौरे पर अयोध्या पहुंचे थे. उन्होंने भागवत कथा में हिस्सा लिया, संतों से आशीर्वाद लिया और जनसभा में बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं. चुनाव आयोग और प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि राज्य न्याय और मानवता से चलता है और अयोध्या की जनता चुनाव में दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। 

इसी पर योगी ने बलरामपुर में जवाब दिया. उन्होंने कहा, “अखिलेश, अयोध्या हमारी पावन धाम है. हम सियासत के लिए नहीं, विकास के लिए अयोध्या जाते हैं.” आगे बोले, “आइए, आपको ऑफर देता हूं. आप भी अयोध्या से नामांकन करिए और मैं भी. चलिए, एक बार किस्मत आजमा लेते हैं.” योगी ने अयोध्या को अपनी आस्था की स्थली बताया। 

योगी ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा. उनका आरोप था कि पहले माफिया जिस जमीन पर पैर रखता था, उस पर कब्जा कर लेता था. सपा के गुंडे व्यापारियों को फोन कर धमकाते और संपत्ति हड़प लेते थे. उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले बलरामपुर की सड़कें सबसे खराब थीं. अब वोट तस्करी और बदमाशों की अराजकता की जगह विकास और बदलाव का आधार बन रहा है और इलाके को आकांक्षात्मक जिले से संभावनाओं वाला जिला बनाने पर काम हो रहा है। 

योगी ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का जिक्र कर कहा कि इनके निर्माण में रुकावट बनने वाले आज प्रधानमंत्री मोदी का विरोध कर रहे हैं, पर विरोध की भी एक सीमा होती है. कांग्रेस और सहयोगी दलों पर उन्होंने शिष्टाचार भूलने और अभद्र भाषा बोलने का आरोप लगाया. उनके मुताबिक ऐसे प्रयास देश को गुमराह करने और अराजकता की ओर ले जाने वाले हैं। 

इससे पहले मौर्य ने कहा था कि अखिलेश भागवत कथा में गए, पर राम मंदिर में दर्शन करने नहीं गए. उनके मुताबिक रामलला के दर्शन न करने वालों की रामभक्ति पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि देश और दुनिया से लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। 

अखिलेश ने अयोध्या में वादा किया था कि सपा की सरकार बनी तो महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये मिलेंगे. उन्होंने भेदभाव न होने, दुकान और मकान न उजाड़े जाने और अयोध्या की पहचान मजबूत करने के लिए विकास कार्यों में तेजी का भरोसा भी दिया था। 

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